समाजवादी पार्टी भाजपा से कोई बैर नहीं लेना चाहती है। शायद यही वजह है कि सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी नीतीश के शपथ ग्रहण समारोह से दूरी बना ली। भाजपा के खिलाफ किसी संभावित मोर्चे से सपा की किनाराकशी के संदेश से यह लगभग साफ हैं।
नीतीश के शपथ ग्रहण में शुक्रवार को देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री व कई दलों के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। लेकिन, समाजवादी पार्टी शपथ ग्रहण समारोह से अलग रही। पहले सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के पटना जाने की संभावना थी। लेकिन उनकी अनिच्छा के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश का कार्यक्रम तय हुआ।
बृहस्पतिवार देर शाम उनका कार्यक्रम और महागठबंधन की पहली रैली में बिहार गए शिवपाल सिंह यादव का भी दौरा रद्द हो गया। इस तरह शपथ ग्रहण में सपा ने कोई प्रतिनिधि नहीं भेजा। महागठबंधन तोड़ने के बाद नीतीश के शपथ ग्रहण से दूरी बनाने को सपा का बड़ा राजनीतिक फैसला माना जा रहा है।
कहा जा रहा है कि जिन कारणों से मुलायम सिंह यादव ने तीन सितंबर को महागठबंधन तोड़ा था, वे अभी भी यथावत हैं।