सपा नेताओं का तर्क है कि सीटों के किसी भी गणितीय फॉर्मूले पर बात शुरू करने से पहले दोनों दलों के शीर्ष नेताओं अखिलेश यादव, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के बीच एक प्राथमिक वार्ता होना जरूरी है। शीर्ष स्तर पर रणनीति और दिशा तय होने के बाद ही अधिकृत समन्वय कमेटी का गठन किया जाएगा, जो विधानसभावार व्यावहारिक आंकड़ों के आधार पर वार्ता को आगे बढ़ाएगी। फिलहाल अधिकृत कमेटी न होने के कारण राज्यस्तरीय नेताओं के बीच जुबानी जंग भी देखने को मिल रही है, जिसे दोनों दलों का शीर्ष नेतृत्व फिलहाल अधिक तवज्जो देते हुए नहीं दिख रहा है।