समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को चौथी सूची जारी कर दी है। इसमें आठ उ्मीदवारों को मैदान में उतारा गया है। सूची में पूर्व सांसद से लेकर उद्योगपति तक को चुनाव मैदान में उतारा गया है। आठ में तीन कांग्रेस तो एक बसपा बैकग्रआउंड के हैं। सपा अब तक 262 उम्मीदवार मैदान में उतार चुकी है।
सपा की ओर से जारी आठ उम्मीदवारों की सूची में तीन दलित, तीन मुस्लिम, एक ब्राह्मण और एक ठाकुर उम्मीदवार है। कासगंज से गांधी परिवार के नजदीकी रहे पूर्व सांसद मुशीर अहमद की बेटी नादिरा सुल्तान को मैदान में उतारा गया है। बदायूं से उद्योगपति रईस अहमद पर दांव लगाया गया है। वह कुछ समय से क्षेत्र में सक्रिय थे। यहां पहले आजम खां के नजदीकी आबिद रजा का नाम चर्चा में थे। आबिद ने पर्चा भी खरीद लिया है, लेकिन शुक्रवार को सूची जारी हुई तो उसमें रईस अहमद का नाम सामने है। बताया जाता है कि आबिद रजा ने लोकसभा चुनाव में धर्मेंद्र यादव का विरोध किया था, जिसकी वजह से उन्हें मात मिली है। हालांकि आबिद के निर्दल या अन्य किसी दल से भी मैदान में उतरने की चर्चा है।
सीतापुर जिले की सिधौली विधानसभा क्षेत्र से बसपा के विधायक रहे हरगोविंद भार्गव पर दांव लगाया गया है। इसी तरह लखनऊ की महिलाबाद पर पूर्व सांसद सुशीला सरोज और मोहनलालगंज सीट पर विधायक अंब्रीश पुष्कर को फिर से मैदान में उतारा गया है। कानपुर देहात की सिकंदरा सीट पर 2017 में कांग्रेस के उम्मीदवार रहे प्रभाकर पांडेय को सपा ने टिकट दिया है। वे कुछ समय पहले कांग्रेस से नाता तोड़कर सपा में शामिल हो गए थे। कानपुर कैंट से मो. हसन रूमी को मैदान में उतारा गया है। रूमी भी 2017 में भी इस सीट पर चुनाव लड़े थे। बांदा से कांग्रेस के पूर्व विधायक स्व. विवेक सिंह की पत्नी मंजुला सिंह को मैदान में उतारा गाय है। वह भी कुछ समय पहले सपा में शामिल हुई थीं।
पटियाली नादिरा सुल्तान
बदायूं रईस अहमद
सिधौली हरगोविंद भार्गव
मलिहाबाद सुशील सरोज
मोहनलालगंज अंब्रीश पुष्कर
सिकंदरा प्रभाकर पांडेय
कानपुर कैंट मो हसन रूमी
बांदा मंजुला सिंह