राजधानी का ताज होटल विधान सभा चुनाव के बाद एक बार फिर राजनीतिक वजहों से चर्चा में आया है। शनिवार को यहां उत्तर प्रदेश की राजनीति के धुर विरोधी दल एक साथ मंच साझा करते नजर आएंगे। विधान सभा चुनाव के दौरान अखिलेश यादव और राहुल गांधी ने 29 जनवरी 2017 को इसी होटल से अपने गठबंधन का एलान किया था। यह दूसरी बार है जब प्रदेश की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी घोषणा इस होटल के परिसर में होने जा रही है।
बताते चलें कि समाजवादी पार्टी और बसपा शनिवार को अधिकारिक रूप से आगामी लोकसभा चुनाव में अपने महागठबंधन का एलान करने जा रहे हैं। लोकसभा चुनाव को लेकर सपा और बसपा में गठबंधन को लेकर पहले ही सहमति बन गई है। इस संबंध में मायावती और अखिलेश के बीच दिल्ली में हुई लंबी बैठक में सीटों के बंटवारे को लेकर भी लगभग आम राय बन गई है।
अपना जन्मदिन को मनाने के लिए गुरुवार को बसपा सुप्रीमो मायावती राजधानी पहुंच चुकी हैं। पार्टी के सभी पदाधिकारियों के साथ उन्होंने 20 जनवरी को बैठक बुलाई है। इसमें वह चुनावी रणनीति का खुलासा करेंगी।
कांग्रेस ने फिलहाल इस महागठबंधन से दूरी बना रखी है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में मिली सफलता से भी इसे जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि कांग्रेस बिना किसी के समर्थन के प्रदेश में अपना हाथ आजमाने की कोशिश में है। राहुल गांधी ने इस बारे में अभी तक कोई भी स्पष्ट संकेत नहीं दिया है। वहीं अखिलेश यादव उन्हें साथ लेकर चलने को लेकर बयान देते आ रहे हैं।