कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली पहुंची तो उनसे पत्रकारों ने राहुल की गुमशुदगी पर सवाल किया।
जिस पर सोनिया ने कहा कि राहुल के बारे में चिंता न करें वो जल्द ही वापस आएंगे। इसके अलावा उन्होंने इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहा। जब उनसे राहुल के अमेठी न आने पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वह केवल यहां पर लोगों का दुख-दर्द बांटने आई हैं।
सोनिया ने फसल तबाही से मायूस किसानों का दर्द साझा किया। किसानों ने अब तक मुआवजा न मिलने यहां तक कि सर्वे भी न होने पर आक्रोश जताया।
इस पर सोनिया ने उन्हें राज्य सरकार से बात करने का भरोसा दिया। सोनिया ने बछरावां ट्रेन हादसे में मरने वाले यात्रियों के घर पहुंचकर परिवारीजनों से शोक संवेदना व्यक्त की।
करीब सुबह 9:30 बजे विशेष विमान से फुरसतगंज एयरपोर्ट पर उतरने के बाद सड़क मार्ग होते हुए सोनिया अपने संसदीय क्षेत्र पहुंचीं। इस दौरान वह बारिश और ओलावृष्टि से हुए फसल नुकसान का सच देखने के लिए गांवों की तरफ निकलीं।
इन जगहों पर सीधे किसानों से हुईं रूबरू
अमावां के दाउद नगर और डिघिया, रजवापुर गांव होते हुए सोनिया राही के दशरथ का पुरवा, उतरपारा, जफरापुर, खागीपुर सड़वा आदि गांवों के किसानों से सीधे रूबरू हुईं।
किसानों ने फसल बर्बादी का मुद्दा जोरदारी के साथ उठाया और कहा कि मुआवजे की कौन कहे, सर्वे तक नहीं कराया गया है। प्रदेश सरकार यहां के किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। इससे उन्हें मुआवजा नहीं मिल पा रहा है।
किसानों की इस समस्या को सोनिया ने गंभीरता से लिया और कहा कि मुआवजा दिलाने के लिए वह प्रदेश सरकार से बात करेंगी। सर्वे भी कराया जाएगा। फसल नुकसान के मुताबिक मुआवजा दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
मोदी सरकार के कार्यकाल पर भी कुछ नहीं कहा
जफरापुर गांव के पास केंद्र सरकार के नौ महीने के कार्यकाल के बारे में सोनिया से सवाल किया गया तो उन्होंने इस पर भी चुप्पी साध ली।
रायबरेली के साथ ही सोनिया ने अपने बेटे राहुल गांधी के अमेठी संसदीय क्षेत्र के पूरे कुम्हारन, ब्रह्मनी, अमिया, सरायं महेशा गांवों में भी पहुंचकर किसानों का दुख-दर्द सुना। साथ ही दोनों संसदीय क्षेत्रों में बछरावां ट्रेन हादसे के हुए शिकार यात्रियों के घर पहुंचकर परिवारीजनों से शोक संवेदना व्यक्त की।
सोनिया ट्रेन हादसे में मारे गए कथक कलाकार शीतला प्रसाद मिश्र के घर भी पहुंची और परिवार वालों को ढांढस बंधाया।