प्रमुख परियोजनाएं
| कंपनी |
परियोजना |
क्षमता |
| जेएसडब्ल्यू एनर्जी |
कंधौरा |
1680 मेगावाट |
| टोरेंट पॉवर |
सशनई |
1750 मेगावाट |
| अडाणी समूह |
पनौरा |
1500 मेगावाट |
| अवाडा वाटर |
चिचलिक |
1120 मेगावाट |
| अमुनरा इन्फ्राटेक |
झरिया |
1620 मेगावाट |
| टीएचडीसी |
बासुहारी/बडेला |
1200 मेगावाट |
पम्प्ड स्टोरेज प्लांट
पम्प्ड स्टोरेज प्लांट को सरल भाषा में पानी से चलने वाली विशाल बैटरी कहा जा सकता है। दिन में जब सौर या अन्य स्रोतों से अतिरिक्त बिजली उपलब्ध होती है तब उसी बिजली से पानी को निचले जलाशय से ऊपर स्थित जलाशय में पम्प किया जाता है। रात या अधिक मांग के समय यही पानी ऊपर से नीचे छोड़ा जाता है। गिरते हुए पानी से टरबाइन घूमती है और बिजली पैदा होती है। इससे ग्रिड को तत्काल बिजली मिलती है। पीएसपी संयंत्रों का जीवनकाल लंबा होता है और बड़े पैमाने पर ऊर्जा भंडारण के लिए इन्हें दुनिया की सबसे विश्वसनीय तकनीकों में माना जाता है।