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सोनभद्र को लेकर रणनीति तैयार कर रहे नक्सली

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लखनऊ। भूमि विवाद को लेकर सोनभद्र के घोरावल में पिछले दिनों दस लोगों की हत्या के बाद से यूपी में नक्सलियों की सक्रियता बढ़ने का अंदेशा सही साबित होता दिख रहा है। बस्तर से नक्सलियों की बौद्धिक टीम के घोरावल व उसके आस-पास के इलाकों में सक्रिय होने की सूचना पर आईबी ने भी वहां डेरा डाल दिया है।
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खुफिया एजेंसियों की जानकारी में आया है कि घोरावल नरसंहार के बाद बस्तर से आई नक्सलियों की थिंक टीम के कुछ सदस्यों ने घटनास्थल के आसपास के कई गांवों में संपर्क साधा है। इस कांड के तुरंत बाद ही उंभा व आसपास के गांवों के कई युवाओं के भूमिगत होने की खबर भी खुफिया एजेंसियों को लग चुकी है। अब बस्तर व दंतेवाड़ा इलाके से कोर नक्सलियों की टीम के यहां पहुंचने की सूचना से इस बात के आसार प्रबल हो गए हैं कि नक्सली प्रतिशोध में कोई घटना कर सकते हैं।
हालात की संवेदनशीलता को भांपते हुए केंद्रीय खुफिया एजेंसी भी यहां डेरा डाल चुकी है। सूत्रों का कहना है कि खुफिया एजेंसी प्रभावित इलाके के गांवों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। साथ ही बस्तर से आई नक्सली टीम के सदस्यों को चिह्नित करने की कोशिश में लगी है। खुफिया एजेंसी ने इसके लिए संबंधित इलाके में इसके संचार के सभी साधनों को अपने रडार पर ले लिया है। इसके अलावा नक्सल विचारधारा से प्रभावित पहले से चिह्नित लोगों और उनके करीबियों पर नजर रखी जा रहा है।
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उधर राज्य की खुफिया एजेंसी के साथ ही यूपी एटीएस भी अलर्ट हो चुकी है। एटीएस के एक जिम्मेदार अफसर ने माना कि सोनभद्र में संवेदनशीलता बढ़ गई है और जांच एजेंसी घोरावल पर नजर रख रही है। हालांकि पिछले कुछ सालों से उत्तर प्रदेश को नक्सली शंटिंग ग्राउंड के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं और यहां कोई उल्लेखनीय घटना नहीं हुई है। छत्तीसगढ़, झारखंड या समीपवर्ती किसी अन्य स्थान पर घटना के बाद छिपने के लिए वे प्रदेश की सीमा से सटे जंगलों का इस्तेमाल करते हैं। इस बात की जानकारी खुफिया एजेंसियों को भी है पर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हो सकी है। लेकिन घोरावल कांड के बाद अब हालात के बदलने का अंदेशा बढ़ गया है, जिसे लेकर खुफिया एजेंसियां चौकस हो गई हैं।
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