लखनऊ। चौक इलाके से कराटे प्रशिक्षक डेविड यादव का 22 वर्षीय बेटा गौरव संदिग्ध हालात में लापता हो गया। गौरव ऐशबाग स्थित अमन इंटरप्राइजेज कंपनी में कलेक्शन का काम करता है और 20 जुलाई की दोपहर डेढ़ लाख रुपये वसूलकर ऑफिस के लिए निकला था। शाम तक उसके ऑफिस न लौटने पर कंपनी मालिक व परिवारीजनों ने उसे कॉल की तो मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला। कंपनी मालिक ने उसके खिलाफ रुपये लेकर भागने के आरोप में केस दर्ज कराया है। उधर, गौरव की तलाश में परिवारीजन दर-दर भटक रहे हैं। उन्होंने अनहोनी की आशंका जताते हुए पुलिस को तहरीर दी लेकिन केस दर्ज करने के बजाए थाने से टरका दिया गया।
डेविड ने बताया कि वह उन्नाव के शुक्लागंज स्थित शक्तिनगर में पत्नी और बच्चों के साथ रहते हैं जबकि गौरव यहां अपनी कंपनी के ऑफिस में ही बने कमरे में रह रहा था। 20 जुलाई को वह कलेक्शन के लिए निकला था। चौक स्थित गोपाल ट्रेडर्स से रुपये लेने के बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे वह ऑफिस के लिए निकला और गायब हो गया। डेविड का कहना है कि उसके पास कंपनी के कलेक्शन के करीब डेढ़ लाख रुपये थे। उसके ऑफिस न पहुंचने पर कंपनी के लोगों ने कॉल की तो पता चला मोबाइल फोन बंद है। कंपनी के अधिकारियों ने परिवारीजनों से संपर्क किया। गौरव की रिश्तेदारों व परिचितों में खोजबीन की गई लेकिन कुछ पता नहीं चला। इस बीच कंपनी के अधिकारियों ने उस पर रुपये लेकर भागने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करा दिया। डेविड का कहना है कि उनके बेटे के साथ कोई अनहोनी हो गई है। वह चौक पुलिस के पास मदद मांगने पहुंचे तो सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने बेटे के साथ हादसा या अनहोनी की आशंका जताते हुए तहरीर दी पर पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। डेविड का कहना है कि गौरव का मोबाइल लगातार बंद आ रहा है। उसका पता न लगने से परिवारीजन परेशान हैं। उसकी मां सुलेखा ने खाना-पीना बंद कर दिया है और बीमार हो गई हैं। थाना-चौकी के चक्कर काटने के बावजूद पुलिस उनके बेटे का पता लगाने का प्रयास नहीं कर रही है। उधर, चौक इंस्पेक्टर पंकज सिंह का कहना है कि गौरव के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकलवाई गई है। उसकी किस-किस व्यक्ति से बात हुई थी? किसने उसे कॉल किया था? यह पता लगाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।