चंद्रभान जी की खबर के साथ फोटो में इमरान- गोमती नगर लोहिया इंस्टीट्यूट में हड़ताल करते डॉक्टर
लखनऊ। लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में एमबीबीएस छात्रों ने नेशनल मेडिकल कमीशन एनएमसी बिल का विरोध करते हुए बृहस्पतिवार दोपहर प्रशासनिक भवन के सामने प्रदर्शन कर नारेबाजी की। संस्थान के अधिकारियों ने समझाकर धरना समाप्त कराया।
एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्रों ने बिल का विरोध करते हुए प्रशासनिक भवन पर नारेबाजी की। मेडिकोज का कहना है कि बिल में संशोधन की जरूरत है। इससे झोलाछाप डॉक्टरों की फ ौज तैयार होगी। डॉक्टरों को छह माह का ब्रिज कोर्स कराकर एलौपैथिक दवाएं लिखने का अधिकार दिया जाएगा। इससे एंटीबायोटिक समेत दूसरी जीवनरक्षक दवाओं के दुरुप्रयोग का खतरा बढ़ सकता है। लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. गुरनाम सिंह ने एमबीबीएस अंतिम वर्ष में एग्जिट परीक्षा के फैसले के संशोधन की मांग की है। डॉ. गुरनाम का कहना है कि एग्जिट परीक्षा से पीजी का पाठ्यक्रम तय नहीं होना चाहिए। बिल में संशोधन की जरूरत है। निदेशक डॉ. एके त्रिपाठी ने कहा कि चार सीनियर डॉक्टर्स को प्रदर्शन में शामिल होने की अनुमति दी गई थी। इससे ओपीडी-इंडोर में मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।