हाईकोर्ट के अधिवक्ता आरके त्रिवेदी के मुताबिक उत्कर्ष काफी दिनों से बीमार चल रहा था। बीमारी के कारण वह मानसिक रूप से परेशान हो गया था। उत्कर्ष पांच भाई-बहनों में सबसे छोटा था। प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड धीरेंद्र कुमार उपाध्याय के मुताबिक अब तक की पड़ताल में आत्महत्या ही लग रही है। पीड़ित परिवार की तरफ से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
रविवार रात को उत्कर्ष अपने घर से बिना बताए निकल गया। इसके बाद वह काफी देर तक घर नही आया। परिवारीजन उसकी तलाश में लग गये। साथ ही गोमतीनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। प्रभारी निरीक्षक त्रिलोकी सिंह के मुताबिक उत्कर्ष के मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया गया। जब सर्विलांस टीम ने रिपोर्ट दी तो लोकेशन कठौता झील केपास मिला। सुबह हादसे की सूचना मिली। इसके बाद परिवारीजनों को सूचना दी गई। लोहिया अस्पताल में पहुंचे परिवारीजनों ने शव की शिनाख्त कर ली।