लखनऊ। राजस्व परिषद के चेयरमैन के पूर्व निजी सचिव विवेकानंद डोबरियाल पर जालसाजी और रंगदारी जैसी संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज है। जांच में सामने आया है कि डोबरियाल के छोटे बेटे की भूमिका संदिग्ध है। वह पिता के काले कारोबार में सहयोगी है। इसकी पुष्टि के बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। उससे बृहस्पतिवार को कई घंटे तक पूछताछ की। वहीं सूत्रों के मुताबिक, पुलिस टीम डोबरियाल के खुर्रमनगर स्थित आवास पर जेसीबी लेकर पहुंची थी।
विवेकानंद डोबरियाल के खिलाफ चार मई को कैसरबाग थाने में केस दर्ज किया गया था जिसमें आरोप था कि डोबरियाल ने अपने पद का दुरुपयोग कर तहसीलदार, एसडीएम, नायब तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल को धमकी देकर अवैध वसूली की और रंगदारी मांगी। यह भी आरोप था कि राजस्व विभाग से संबंधित कर्मचारियों व अधिकारियों के ट्रांसफर व पोस्टिंग के नाम पर भी वसूली की गई है। केस दर्ज होने के बाद से ही विवेकानंद डोबरियाल फरार हो गया। इसके बाद उसके सहयोगी पूर्व कानूनगो समेत कई पर केस दर्ज किए गए। कैसरबाग पुलिस की एक टीम खुर्रमनगर स्थित अशोक विहार में विवेकानंद डोबरियाल के आवास पर गई।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस टीम के साथ बुलडोजर भी था। काफी देर तक पुलिस टीम वहां मौजूद रही लेकिन डोबरियाल का कोई सुराग नहीं लगा। वहीं घर में पुलिस ने तलाशी भी ली। इस बात की पुष्टि पुलिस के एक अधिकारी ने दबी जुबान से की है। हालांकि खुलकर बोलने को तैयार नहीं थे। इशारे में ही उन्होंने कहा कि काफी दिन से फरार चल रहे हैं, इसलिए कुछ तो करना ही पड़ेगा। डोबरियाल के खिलाफ जांच में सामने आया है कि उसने तहसील कर्मचारियों से मिलीभगत कर जमीनों की खरीद-फरोख्त में फर्जीवाड़ा किया। इसके अलावा अपने पद का दुरुपयोग करने और ट्रांसफर पोस्टिंग के नाम पर वसूली करने का भी आरोप है। पुलिस की जांच में एक पूर्व कानूनगो का भी नाम सामने आया है। पूर्व कानूनगो के रिश्तेदार आशीष समेत तीन लोगों पर केस दर्ज किया गया है।
बेटा भी करता था सहयोग
विवेकानंद डोबरियाल के खिलाफ दर्ज मामले की जांच एसीपी कैसरबाग व क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम कर रही है। विवेचना में कई लोगों से पूछताछ की गई जिसमें सामने आया कि डोबरियाल के छोटे बेटे समीर की भूमिका संदिग्ध है। पता चला है कि समीर, अपने पिता के अवैध वसूली व जमीनों के खरीद-फरोख्त के धंधे में मदद करता था। इसके प्रमाण मिलने के बाद बृहस्पतिवार को क्राइम ब्रांच की टीम ने समीर को हिरासत में ले लिया। देर शाम तक उससे पूछताछ की जा रही थी। इस दौरान पुलिस ने समीर से कई सवाल किए तो उसने टालमटोल शुरू कर दिया था। पुलिस ने जब प्रमाण उसके सामने रखे तो उसने चुप्पी साध ली।
तलाश में जुटीं सात टीमें, फिर भी पकड़ से दूर
डोबरियाल की तलाश में कैसरबाग थाने की चार टीमें, क्राइम ब्रांच और एसटीएफ की दो टीमें लगी हैं लेकिन उसका नेटवर्क पुलिस के सर्विलांस पर भारी पड़ रहा है। काफी प्रयास के बाद भी पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी। करीब 78 दिन से वह फरार है। पुलिस कमिश्नरेट ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया है। कैसरबाग पुलिस ने कोर्ट में कुर्की के लिए अर्जी डाली थी। 15 जून को कोर्ट के आदेश के बाद अतिरिक्त निरीक्षक सुधाकर सिंह ने पुलिस टीम के साथ डोबरियाल के घर पहुंचकर मुनादी कराई थी। नोटिस चस्पा किया और चेतावनी दी थी कि 30 दिन में अगर समर्पण नहीं किया तो भगोड़ा घोषित कर संपत्ति को कुर्क कर दिया जाएगा।
वर्जन-
समीर की भूमिका संदिग्ध
पूर्व निजी सचिव विवेकानंद डोबरियाल के बेटे को क्राइम ब्रांच की टीम ने हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। जांच में कई साक्ष्य ऐसे मिले हैं जिसमें डोबरियाल के बेटे समीर की भी भूमिका है। पूछताछ के दौरान कई दस्तावेज भी मांगे गए हैं।
- प्राची सिंह, डीसीपी पूर्वी/क्राइम ब्रांच