परिजनों और मानवेंद्र के दोस्ताें को गुमराह करने के लिए अक्षत ने पिता के लापता होने की अफवाह उड़ाई। इसके बाद वाट्स एप ग्रुप बनाया। इसमें मानवेंद्र के दोस्तों को जोड़ा। ग्रुप में वह लिखता रहा कि पापा, आप कहां हो। आप प्लीज वापस आ जाओ... कृति और मैं आपको मिस कर रहे हैं। आपके दोस्त भी आपकी तलाश कर रहे हैं। किसी को शक ने हाे इसके लिए अक्षत मानवेंद्र के दोस्तों के साथ पिता की तलाश का नाटक करता रहा। सूत्रों का कहना है कि अक्षत ने ग्रुप इसलिए बनाया था कि उसे सारी गतिविधियों की जानकारी हो सके।
शराब कारोबारी हत्या के बाद विलाप करते परिजन
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मानवेंद्र के सिर में गोली लगने से चारों तरफ खून बिख्रर गया था। खून के छींटे दीवारों पर लग गए थे, जिन्हें साफ करने के लिए अक्षत पेंट खरीद कर लाया। इसके बाद दीवार को पेंट किया। इस मामले में मानवेंद्र के पिता से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से किया गया। वीडियोग्राफी भी कराई गई। बुधवार को शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।