लखनऊ। सआदतगंज के नौबस्ता में शनिवार रात कारोबार के लिए रुपये मांगने पर माता-पिता से हुए विवाद के बाद 18 वर्षीय विनायक तिवारी ने फंदा लगा लिया। परिजन और मोहल्ले के लोगों ने दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला और ट्रॉमा सेंटर ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
विनायक के पिता पंकज कुमार तिवारी कुरियर कंपनी में काम करते हैं। पंकज के अनुसार, शनिवार रात विनायक नशे की हालत में घर लौटा था। उसने कारोबार शुरू करने के लिए 50 हजार रुपये मांगे। उन्होंने सोमवार को बैंक खुलने पर रुपये देने की बात कही। इस पर विनायक तत्काल रुपये देने की जिद करने लगा। इस पर उनका और पत्नी का बेटे से विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर विनायक ने उन्हें और पत्नी को घर से बाहर निकाल दिया और कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। परिजन काफी देर तक दरवाजा पीटते रहे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद मोहल्ले के लोगों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया।
इकलौते बेटे की मौत से माता-पिता सदमे में हैं। इंस्पेक्टर सआदतगंज संतोष कुमार आर्य ने बताया कि विनायक अवसाद में था। प्रथम दृष्टया इसी वजह से उसने आत्मघाती कदम उठाया है।