प्रदेश में सभी राजनीतिक दलों के नेताओं, सांसद, विधायकों के वित्तविहीन स्कूल संचालित हैं। सरकार ने इन स्कूलों पर फीस नहीं बढ़ाने, जबरन फीस वसूली नहीं करने और लॉकडाउन की अवधि में शिक्षकों व कर्मचारियों को पूरा वेतन देने का दबाव बनाया है।
मगर लॉकडाउन की अवधि में फीस नहीं मिलने पर अब वित्तविहीन स्कूलों के संचालक स्कूल खोलने का दबाव बना रहे हैं ताकि बच्चों की फीस जमा होना शुरू हो सके।