सॉल्वर गैंग के सरगना की तलाश में जुटी पुलिस।
- फोटो : सॉल्वर गैंग के सरगना की तलाश में जुटी पुलिस।
लखनऊ। टीजीटी परीक्षा में गिरफ्तार सॉल्वर राजेश प्रताप सिंह से पूछताछ में गैंग के सरगना ऋषिकेश का नाम उजागर हुआ है। वह सुल्तानपुर का मूल निवासी है और प्रयागराज में ठेकेदारी करता है। हुसैनगंज पुलिस अब ऋषिकेश की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। राजेश प्रताप सिंह जौनपुर के बरनियांव गांव का रहने वाला है। वह प्रतापगढ़ के टीपी इंटर कॉलेज में हिंदी का प्रवक्ता था। राजेश से पूछताछ में पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं।
एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल ने बताया कि जल्द ही गैंग के अन्य आरोपी भी पकड़े जाएंगे। पुलिस अन्य सॉल्वरों मनतेश सिंह, राम मनुज और रंग बहादुर के आपसी कनेक्शन का भी पता लगा रही है। राजेश की करतूतों की जानकारी डीआईओएस कार्यालय और शिक्षा विभाग को दी गई है। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी है।
15 लाख रुपये में तय हुआ था सौदा
इंस्पेक्टर हुसैनगंज शिवमंगल सिंह ने बताया कि सरगना ऋषिकेश ने अभ्यर्थी विजय प्रताप सिंह से 15 लाख रुपये में सौदा किया था। ऋषिकेश ने सात लाख रुपये राजेश के खाते में भेजे थे। राजेश को तीन लाख रुपये परिणाम आने के बाद मिलने थे। बता दें कि बुधवार को लखनऊ के चार केंद्रों से चार सॉल्वर गिरफ्तार हुए थे। उनके खिलाफ विभिन्न थानों में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस तफ्तीश में जुटी है।