पशुपालन विभाग में ठेका दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी के मामले में सिपाही दिलबहार सिंह को छोड़कर अन्य छह आरोपियों ने वॉसय सैंपल देने से इनकार कर दिया है। अब पुलिस की टीम फॉरेंसिक विशेषज्ञों और मजिस्ट्रेट के साथ बृहस्पतिवार को जेल में सिपाही की आवाज का नमूना लेगी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विवेचक की तरफ से जेल में बंद ठगी के सात आरोपियों की आवाज का नमूना प्राप्त करने के लिए कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया गया था। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने जेल जाकर आरोपियों का वॉयस सैंपल मांगा। कथित पत्रकार एके राजीव, अनिल राय, आशीष राय, पशुधन विकास मंत्री के निजी प्रधान सचिव रजनीश दीक्षित, संतोष मिश्रा समेत एक अन्य आरोपी ने सैंपल देने से इनकार कर दिया जबकि सिपाही दिलबहार सिंह तैयार हो गया।
मालूम हो कि 13 जून को इंदौर के कारोबारी मंजीत सिंह भाटिया ने हजरतगंज कोतवाली में ठेका दिलाने के नाम पर 10 करोड़ रुपये ठगने का आरोप लगाते हुए 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। एसटीएफ ने सभी आरोपियों के अलावा सचिवालय के संविदाकर्मी धीरज कुमार देव, रूपक राय, उमाशंकर तिवारी को गिरफ्तार करके जेल भेजा था।
पीड़ित ने दी थी ठगी के आरोपियों की कॉल रिकॉर्डिंग
पीड़ित कारोबारी ने आरोपियों की कॉल रिकॉर्डिंग विवेचक को उपलब्ध कराई थी। रिकॉर्डिंग में ठेका दिलाने, शासनादेश भेजने, सचिवालय बुलाने, रुपया खातों में ट्रांसफर करने के लिए कहा जा रहा है। पूछताछ में आरोपियों ने रिकॉर्डिंग में अपनी आवाज न होने की बात कही थी। इस पर फॉरेंसिक जांच कराने के लिए विवेचक ने कोर्ट में अर्जी दी थी।
भगोड़े आईपीएस का सुराग नहीं
भगोड़े आईपीएस अरविंद सेन का पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पा रही है। बीते दिनों सेन पर इनाम बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि संपत्ति का ब्यौरा जुटा लिया गया है। जल्द कुर्की की कार्रवाई होगी।