सोशल मीडिया पर इस तरह हो रही खिंचाई
- यह कश्मीर या सीरिया नहीं, यूपी का बदायूं है, जहां आम आदमी की भी आतंकियों की तरह चेकिंग की जाती है।
- कमजोर दिल वाले इन रास्तों से न गुजरें, यूपी पुलिस ड्यूटी पर है।
वाहनों की चेकिंग, अपराधी की तलाशी लेना और किसी ऑपरेशन के दौरान अपराधी को पकड़ने के अलग-अलग तरीके होते हैं। ‘टेक्निकल तकनीक का इस्तेमाल किसी ऑपरेशन या किसी अपराधी को पकड़ने के लिए किया जाता है। रूटीन चेकिंग में किन परिस्थितियों में पुलिस ने यह कदम उठाया, इसका जवाब बदायूं एसपी से मांगा गया है। - पीवी रामाशास्त्री, एडीजी कानून व्यवस्था
कई बार चेकिंग में अपराधी पुलिस पर फायरिंग कर देते हैं, इससे पुलिस कर्मियों की जान खतरे में पड़ जाती है। ऐसे में एहतियातन टेक्निकल तकनीक का प्रयोग करने के लिए कहा गया है, जिसमें एक-दो कर्मी तलाशी लें और बाकी अलर्ट पोजिशन में रहें। इसका उद्देश्य अपने आप को सुरक्षित रखने का है ताकि आपराधिक प्रवृत्ति के लोग पुलिस पर हमला न कर सकें। - अशोक कुमार त्रिपाठी, एसपी बदायूं
भाजपाइयों का रिटर्न गिफ्ट : धर्मेंद्र
बदायूं से सपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव ने ट्विटर पर वीडियो साझा करते हुए लिखा, ‘ हाथ ऊपर वरना गोली मार देंगे। अपराध रोकना तो दूर, निर्दोषों के साथ अपराधियों जैसा सलूक। वाहन चेकिंग के नाम पर आम जनता से अपराधियों जैसा व्यवहार ना काबिले बर्दाश्त। वोट लेकर सत्ता पर काबिज भाजपाइयों का यह रिटर्न गिफ्ट है।’