छह लाख की आबादी के लिए पांचवें जलकल का निर्माण जमीन के अड़ंगे से अटका
आलमबाग क्षेत्र में छह लाख की आबादी के लिए पांचवें जलकल का निर्माण जमीन के अड़ंगे से अटका पड़ा है। चंद लोगों के विरोध के कारण जलकल की बाउंड्रीवाल बनाने का काम भी डेढ़ साल से अधूरा पड़ा है।
यह हाल तब है जबकि मामला कोर्ट तक जा चुका है, उसके बाद भी विवाद थम नहीं रहा है। ऐसे में अब अमृत मिशन योजना के इस प्रोजेक्ट से लोगों को राहत की उम्मीद नहीं दिख रही है।
कानपुर रोड के इलाकों में अभी नलकूपों के जरिए पेयजल की आपूर्ति की जाती है। ट्रांसगोमती की तरह इस क्षेत्र में जलकल के जरिए पानी सप्लाई का कोई सिस्टम नहीं है।
तेजी से गिर रहे भू-गर्भ जल स्तर को देखते हुए इस एरिया में नदी के जल पर आधारित जलकल बनाया जाना है।
पांचवां जलकल बनाए जाने के लिए कानपुर रोड पर आशाराम बापू आश्रम के पास अलीनगर सुनहरा में खसरा नम्बर 1138 की 23.847 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की गई है।
नगर निगम सदन से इसका प्रस्ताव भी पास हो चुका है। अमृत मिशन योजन में भी इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल चुकी है। उसके बाद बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए 3.60 करोड़ रुपये का बजट पास हो चुका और 52.55 लाख रुपये जारी भी चुके हैं, लेकिन जमीन को लेकर विवाद पैदा हो जाने से अब तक बाउंड्रीवाल का ही काम नहीं हो सका है।
यह है मामला
नगर निगम संपत्ति विभाग प्रभारी के मुताबिक वर्ष 2001 में बसंत अरोड़ा नामक व्यक्ति ने एसडीएम मोहनलालगंज के यहां शिकायत की कि खसरा नम्बर 1138 की जमीन की खतौनी में गलत इंट्री की गई है। उसके बाद एसडीएम मोहनलालगंज के आदेश पर पहले से दर्ज 12 लोगों के नाम हटा दिए गए और खतौनी में जमीन तालाब दर्ज कर दी गई। इसके बाद उन लोगाें ने 2002 में उच्च न्यायालय ने वाद दायर किया, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली। उसके बाद 2009 में अपील की, जिसमें नगर निगम को पक्षकार बनाने के बजाय ग्राम सभा को बनाया गया, जबकि 1987 में ग्राम सभा की जमीन नगर निगम में आ गई थी। बीते साल दो जुलाई को उच्च न्यायालय का आदेश आय, जिसमें अपील स्वीकार हो गई। उसके बाद नगर निगम सुप्रीम कोर्ट गया और वहां निगम की अपील स्वीकार हो गई। उसके बाद भी जलकल काम नहीं हो पा रहा है।
यह है योजना
वर्ष 2045 में होने वाली 19 लाख की आबादी को ध्यान में रखते हुए कुल 340 एमएलडी क्षमता का जलकल बनया जाना है। अभी 2031 में 10 लाख की आबादी को ध्यान में रखते हुए 100 एमएलडीए क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगेगा, इसके बाद आवश्यकता को देखते हुए फेज वाइज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बढ़ाए जाएंगे। वर्तमान में 5.76 लाख की आबादी को जलकल बनने से फायदा होगा। कृष्णा नगर, आलमबाग, मोहान रोड व उससे लगे इलाकों को पानी देने की योजना है।
जमीन की पैमाइश कराएंगे
प्रोजेक्ट मैनेजर जल निगम, जीसी श्रीवास्तव ने बताया कि जिस जमीन पर विवाद है, उसको छोड़कर काम किया जा रहा है। इसके बाद भी चंद लोग काम को रोक रहे हैं। वह लोग विवाद कर रहे हैं, जिनकी जमीन भी नहीं है। इसके कारण बाउंड्रीवाल का भी काम पूरा नहीं हो पा रहा है। विवाद को देखते हुए जमीन की पैमाइश कराने के लिए नगर निगम को पत्र भेजा गया है ताकि काम पूरा हो सके।