आमतौर पर जनता के मन में पुलिस की सख्त छवि ही होती है पर लखनऊ के इस पुलिस अफसर ने जो किया वो पुलिस के एक मानवीय चेहरे को उजागर करता है।
निगोहां थाने में दरोगा हरिकेश चौहान की पंचायत ने फैसला करते हुए एक कपल को अलग करवा दिया था। जब ये मामला एसओ निगोहां चैंपियन लाल के संज्ञान में आया तो उन्होंने बृहस्पतिवार को दोनों को बुलाकर पूरी बात सुनी और समझा-बुझाकर गिले-शिकवे दूर कर दिए। एसओ की पहल का असर ये हुआ कि कपल ने कभी आपस में झगड़ा न करने की बात कहकर हमेशा साथ रहने का वादा किया।
दरअसल, मामला कुछ यूं है। ब्रह्मदासपुर गांव के किसान रामदयाल ने अपने बेटे धर्मेंद्र की शादी पांच मई 2015 को गोसाईंगंज के कटरा बक्कास निवासी रामकुमार की बेटी सलोनी से की थी। कुछ दिनों बाद ही छोटी-छोटी बातों को लेकर दोनों में झगड़ा होने लगा था। मामला इतना बढ़ गया कि थाने तक पहुंच गया।
जिस पर पिछले शुक्रवार दोपहर को निगोहां थाने में दरोगा हरिकेश चौहान ने पंचायत लगाकर दंपती को अलग करवा दिया था। जिसके बाद सादे कागज पर फैसला लिखकर दोनों पक्ष और गवाहों के दस्तखत कराए गए। धर्मेंद्र ने दहेज का पूरा सामान भी लौटा दिया था। इसके अलावा युवती दुधमंही बच्ची को पति को सौंपकर चली गई थी।