आई जी रेंज लखनऊ सुजीत पांडेय जांच के दौरान
- फोटो : amar ujala
सीतापुर के तंबौर थाना क्षेत्र में युवती को जिंदा जलाने की सनसनीखेज घटना को लेकर डीजीपी की फटकार के बाद एसपी ने दुष्कर्म के प्रयास की शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने वाले एसओ तंबौर ओपी सरोज, हल्का इंचार्ज एसआई मनोज व मुंशी छेदीलाल को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही पुलिस ने दोनों आरोपियों रामू और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, दुष्कर्म के प्रयास की घटना 29 नवंबर को हुई जबकि उसे जिंदा जलाने की घटना 1 दिसंबर को हुई थी।
दोनों आरोपियों पर एनएसए के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। डीजीपी के निर्देश पर आईजी रेंज लखनऊ सुजीत पांडेय ने रविवार को सीतापुर पहुंचकर घटना के प्रत्येक बिंदु पर जांच-पड़ताल की। आईजी ने जांच रिपोर्ट डीजीपी को सौंपने की बात कही है।
मालूम हो कि तंबौर के एक गांव की युवती गत शनिवार की दोपहर करीब 12 बजे खेतों की ओर गई थी। जहां गांव के ही दो लोग रामू व राजेश ने उसे दबोच लिया और उसके ऊपर केरोसिन उडे़ल कर आग लगाकर भाग गए। लपटों से घिरी युवती को देख ग्रामीणों ने किसी तरह आग बुझाई।
गंभीर रूप से झुलसी युवती का जिला अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। पीड़िता के बयान में सामने आया कि बीती 29 नवंबर को जब वह नित्यक्रिया के लिए गई थी तो रामू ने उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया था। शोर मचाने पर ग्रामीणों को आता देख वह भाग गया। युवती ने इस घटना की तहरीर तंबौर थाने में दी मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सीओ पर लटकी तलवार
जांच के दौरान पुलिसकर्मी।
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इस पर 30 नवंबर को वह सीओ बिसवां से मिलने गई। फिर भी पुलिस बेपरवाह बनी रही। नतीजतन बेखौफ आरोपियों ने एक दिसंबर की दोपहर खेत में युवती पर केरोसिन उड़ेलकर उसे जिंदा जला दिया। गनीमत रही कि ग्रामीणों ने समय रहते आग बुझाकर उसे अस्पताल पहुंचा दिया।
मगर दिनदहाड़े इस दुस्साहसिक वारदात के बाद भी तंबौर पुलिस ने पीड़िता के पिता की तहरीर पर दोनों आरोपियों के खिलाफ छेड़छाड़ व हत्या के इरादे से हमला करने का केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन 14 घंटे बाद तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
रविवार को जब घटना मीडिया की सुर्खियां बनी तो डीजीपी ने संज्ञान लेकर जिले के अफसरों को फटकार लगाई। इसके बाद हरकत में आए पुलिस विभाग ने पहले एक आरोपी इसके कुछ ही देर बाद दूसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने वाले एसओ तंबौर ओपी सरोज, हल्का इंचार्ज एसआई मनोज व मुंशी छेदीलाल को निलंबित कर दिया गया है।
इस सनसनीखेज घटना को लेकर सीओ बिसवां पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। मामले में सीओ की भूमिका के सवाल पर आईजी ने बताया कि पीड़िता 30 नवंबर को सीओ से मिलने गई थी। मगर पीड़िता की सीओ से मुलाकात नहीं हो सकी थी। सीओ उस वक्त कहां गए थे, इसकी जांच हो रही है। उधर बिसवां चीनी मिल के गेस्ट हाउस में आईजी ने एसपी की मौजूदगी में सीओ बिसवां तौकीर अहमद खां से बंद कमरे में पूछताछ की।
पीड़िता की आरोपियों से हाथापाई भी हुई
मामले की जांच करने पहुंचे आईजी सुजीत पांडेय ने स्वीकार किया कि थाना स्तर पर लापरवाही हुई है। आईजी ने मौका-ए-वारदात का बारीकी से मुआयना किया। गन्ने के खेत की मिट्टी में केरोसिन की महक रविवार को भी महसूस की गई। खेत में जहां घटना हुई उसके आसपास पीड़िता से आरोपियों की हाथापाई के भी सुबूत मिले हैं।
आईजी रेंज लखनऊ सुजीत पांडेय ने कहा है कि तंबौर एसओ, हल्का इंचार्ज व मुंशी को लापरवाही बरतने का दोषी पाए जाने पर निलंबित किया गया है। जांच की जा रही है। जो भी दोषी पाए जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। आरोपियों पर एनएसए की कार्रवाई की जाएगी। बेहतर इलाज के साथ ही पीड़िता की ज्यादा से ज्यादा मदद होगी। मामले की जांच रिपोर्ट डीजीपी को दी जाएगी।