फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुर्लभ मामला: सांप के जहर ने दी ये बीमारी, सामने आए इस केस ने डॉक्टरों को चौंकाया; इन सांपों में सबसे अधिक जहर

Mon, 05 Aug 2024 03:27 PM IST
शाहरुख खान सचिन त्रिपाठी, अमर उजाला, लखनऊ

सार

लखनऊ स्थित केजीएमयू में एक दुर्लभ मामला सामने आया है। सांप के जहर ने गंभीर बीमारी दे दी। सामने आए इस केस ने डॉक्टरों को भी चौंका दिया है। डॉक्टरों का कहना है कि यह एक दुर्लभ मामला है।
विज्ञापन
Snake venom - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बरसात के मौसम में सर्पदंश के मामले बढ़ जाते हैं। सर्पदंश के मामलों में अक्सर मस्तिष्क और आंखों से जुड़ी समस्याएं देखने को मिलती हैं। कई बार सर्पदंश से मौत भी हो जाती है, लेकिन केजीएमयू में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसमें 55 वर्षीय महिला को पार्किंसन की समस्या हो गई। डॉक्टरों का कहना है कि यह एक दुर्लभ मामला है।
विज्ञापन


केजीएमयू में आए इस दुर्लभ मामले को एनल्स ऑफ अफ्रीकन मेडिसिन ने प्रकाशित किया है। इस मामले की पहचान करने वालों में डॉ. राजेश वर्मा, डॉ. प्रभु, डॉ. विकास पाल और डॉ. केपी अर्जुन शामिल रहे। डॉ. राजेश वर्मा ने बताया कि इस महिला को घर में सांप ने डसा था। 

महिला उस समय सो रही थी, आंख खुलने पर उसने सांप को जाते हुए देखा था। करीब दो से तीन घंटे महिला अपना काम करती रही। इसके बाद उसकी आंख झपकने लगी और अन्य समस्याएं होने लगीं। महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां पर उसकी मानसिक स्थिति अस्थिर होने के साथ ही सांस लेने में भी तकलीफ होने लगी।
विज्ञापन


भर्ती रहने के दौरान महिला को एंटी वेनम की 20 खुराकें दी गईं। तीन दिनों तक अस्पताल में इलाज चलने के बाद महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। केजीएमयू से घर जाने के तीसरे दिन ही महिला के शरीर के निचले हिस्से में कंपकंपी होने लगी। बाद में चाल में भी गड़बड़ी महसूस हुई। 

धीरे-धीरे ये लक्षण बढ़ने लगे और खाने में भी कठिनाई महसूस होने लगी। अस्पताल में भर्ती कराने पर उसमें ल्यूकोएन्सेफैलोपैथी (मस्तिष्क के तरल पदार्थों से जुड़ी समस्या) के साथ पार्किंसन की पुष्टि हुई।

क्या है पार्किंसन
पार्किंसन आमतौर पर बुढ़ापे में होने वाली बीमारी होती है। पार्किंसन के मामलों में न्यूरोट्रांसमिशन का काम करने वाला डोपामाइन हार्मोन पर्याप्त मात्रा में नहीं बन पाता। यह हार्मोन मांसपेशियों व शारीरिक संचालन को सामान्य रखता है। यही नहीं मस्तिष्क का एक हिस्सा खराब हो जाता है, जिससे समय के साथ अधिक गंभीर लक्षण सामने आते हैं। इसकी वजह से मांसपेशियों का नियंत्रण, संतुलन और गति प्रभावित होती है। इसमें मरीज की इंद्रियों, सोचने की क्षमता, मानसिक स्वास्थ्य और अन्य चीजें भी प्रभावित हो सकती हैं।

 

सर्पदंश के मामलों में अक्सर ये समस्याएं देखने को मिलती हैं
सर्पदंश के बाद होने वाली समस्याओं में प्रमुख रूप से पीटोसिस यानी पलकें झुकने की समस्या देखने को मिलती है। केजीएमयू की ही अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक यहां इलाज के लिए आए 85.7 प्रतिशत मामलों में पीटोसिस की समस्या देखी गई। वहीं 75 फीसदी मामलों में ऑप्थैल्मोप्लेजिया यानी आंखों की मांसपेशियों का लकवा की शिकायतें पाई गईं।

वहीं, 26.8 प्रतिशत मामलों में अंगों की कमजोरी, 17.9 फीसदी केस में श्वसन तंत्र की विफलता देखी गई। 10.7 प्रतिशत मामलों में तालु की कमजोरी और 7.1 प्रतिशत में गर्दन की मांसपेशियों की कमजोरी की शिकायतें पाई गईं।

 

सिर्फ ये चार सांप होते हैं जहरीले
कोबरा, कॉमन करैत, रसल्स वाइपर और सॉ-स्केल्ड वाइपर।
विज्ञापन

सर्पदंश पर क्या करें
केजीएमयू की फॉरेंसिक एंड टॉक्सिकोलॉजी विभाग की डॉ. शिऊली राठौर के मुताबिक सांप ने जहां डसा हो वहां पर टाइट कपड़े न बांधे, घाव पर चीरा न लगाएं और न ही चूसकर जहर को निकालने की कोशिश करें। पीड़ित व्यक्ति को सामान्य रखें और जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाएं। इस दौरान ध्यान दें कि सांप ने जहां डसा है वह हिस्सा झुका रहे यानी दिल के समानांतर न रहे।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें