मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा है कि राज्यों में अलग-अलग विचारधारा की सरकारें हैं, लेकिन केंद्र सरकार की कोशिश है कि सभी राज्यों के सुझाव के आधार पर उनकी सहमति से नई शिक्षा नीति तैयार हो, जिससे इसमें समानता रहे। नई शिक्षा नीति ऐसी होगी जिससे युवाओं का भला होगा और देश की तस्वीर बदलेगी। वहीं, उन्होंने शिक्षा के भगवाकरण के आरोपों का भी जवाब दिया।
क्या अमीर और क्या गरीब, सभी के बच्चों को शिक्षा चाहिए। केंद्र सरकार इसको ध्यान में ही रखकर नई शिक्षा नीति तैयार कर रही है। इसके लिए राज्यों में बैठकें आयोजित की जा रही हैं। सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों व उनके सचिवों से बैठकों में प्राप्त होने वाले सुझावों के आधार पर नई शिक्षा नीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।
स्मृति ईरानी केंद्र सरकार की ओर से तैयार की जा रही नई शिक्षा नीति के मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए सोमवार को यहां डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विवि में आयोजित बैठक में बोल रही थीं। इसमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्रियों के साथ उनके शिक्षा सचिवों ने सुझाव रखे।
शिक्षकों की नियुक्ति व भूमिका पर भी बनेगी नीति
स्मृति ईरानी ने कहा कि शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया व स्कूलों में उनकी भूमिका तय करने के लिए केंद्र सरकार राज्यों के शिक्षा मंत्रियों व शिक्षा सचिवों के साथ अलग से बैठक करेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य समझने की जरूरत है। इसलिए इस पर चिंतन करना होगा कि शिक्षा किस दिशा में जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है स्किल इंडिया
ईरानी के अनुसार, शिक्षा में सुधार हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना स्किल इंडिया का है। शिक्षा की दृष्टि से इसे कैसे सुधारा जा सकता है, इसे भी देखना होगा। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में होने वाले शोध पर भी ध्यान देना होगा। यह देखना होगा कि इससे राज्यों को कितना फायदा मिलता है।
शिक्षा के भगवाकरण पर बोलीं, कुछ तो लोग कहेंगे
स्मृति ईरानी ने शिक्षा के भगवाकरण के सवाल का जवाब कुछ अंदाज में दिया ‘कुछ तो लोग कहेंगे...।’ उन्होंने कहा कि अच्छे कामों को देखना चाहिए। भगवाकरण के सवाल पर हंसते हुए कहा कि तिरंगे में कितने रंग होते हैं। इसे ध्यान से देखना चाहिए।
बैठक से निकाले गए छोटे अधिकारी
स्मृति ईरानी सवा 12 बजे डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विवि पहुंचीं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति पर चर्चा करने के लिए शिक्षा मंत्रियों व शिक्षा सचिवों को बुलाया गया है। इनके अलावा जो भी अधिकारी बैठे हैं, वे कृपा करके बाहर चले जाएं। इस पर सभागार में बैठे निदेशक तक के अधिकारी बाहर निकल गए।
संचालन की जरूरत नहीं
स्मृति ईरानी जब सभागार पहुंचीं तो संचालन करने वाले से कहा कि इसकी कोई जरूरत नहीं है। बैठक में राज्यों को अपना पक्ष रखना है। इसलिए संचालन में समय खराब करने की जरूरत नहीं। हम लोग सीधे मुद्दे पर आते हैं।