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जल्द ही 'स्मोक फ्री' बनेगा लखनऊ, दुबई की तरह यहां भी बनेंगे स्मोकिंग जोन

Fri, 13 Jul 2018 12:55 PM IST
ज्ञान सक्सेना, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : डेमो
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लखनऊ को जल्द ही स्मोक फ्री बनाया जाएगा। इसके लिए सार्वजनिक स्थलों पर सिगरेट-बीड़ी पीना सख्ती से प्रतिबंधित किया जाएगा। साथ ही दुबई की तर्ज पर शहर के चिह्नित इलाकों में अलग से स्मोकिंग जोन बनाए जाएंगे। यहां जाकर ही लोग सुट्टा लगा सकेंगे। इससे सिगरेट के धुएं से दूूसरों की सेहत के साथ पर्यावरण में घुलते जहर को भी प्रभावी स्तर पर रोकने में मदद मिलेगी। 
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राजधानी को स्मोक फ्री जोन बनाने की पहल शुरू करते हुए जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने भरोसा जताया है कि 15 अगस्त तक शहर के चिह्नित प्रमुख इलाकों में सार्वजनिक तौर से धूम्रपान को सख्ती से प्रतिबंधित कर स्मोकिंग जोन में ही धुआं उड़ाने की व्यवस्था को लागू कराया जाएगा।

उन्होंने बताया कि मुहिम के तहत गुटखा व अन्य तंबाकू जनित पदार्थों के सेवन को भी रोकने के लिए प्रभावी स्तर पर एनजीओ व स्कूल कालेज के बच्चों की मदद से नियमित तौर पर जनजागरूकता कार्यक्रमों का संचालन कर लोगों को इसकी लत से छुटकारा दिलाने की कोशिश भी कराई जाएगी।
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डीएम ने बताया कि इस योजना को प्रभावी तरह से लागू करने के लिए कार्ययोजना का खाका भी तैयार हो चुका है। इसके पहले चरण में 15 अगस्त तक हजरतगंज, विधान सभा मार्ग, अशोक मार्ग, राणा प्रताप मार्ग, परिवर्तन चौक व हाईकोर्ट नवीन परिसर सहित एक दर्जन चिह्नित प्रमुख इलाकों व बाजारों में सार्वजनिक तौर पर धूम्रपान को रोका जाएगा।

स्कूल के सौ गज दायरे में बिक्री प्रतिबंधित

- फोटो : डेमो
इसके अलावा प्रतिबंधित इलाकों में सार्वजनिक तौर पर धूम्रपान करते पकड़े जाने को अपराध की श्रेणी में लाते हुए कोटपा अधिनियम 2003 में उल्लेखित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने बताया कि लखनऊ को स्मोक फ्री शहर बनाने के लिए पहले चरण में बतौर पायलट प्रोजेक्ट एक दर्जन स्थानों पर स्मोकिंग जोन चिह्नित कर विकसित कराए जाएंगे।

इसके लिए एलडीए व नगर निगम से खुले स्थान पर पर्याप्त जगह खोज कर स्मोकिंग जोन बनवाए जाएगा। स्मोकिंग जोन में फैलने वाले धुएं को सुरक्षात्मक तरीके से पर्याप्त निस्तारण के  बाद ही खुली हवा में आने दिया जाएगा, ताकि निकोटीन व तंबाकू युक्त धुआं पर्यावरण की सेहत न बिगाड़ सके।

जिलाधिकारी ने बताया कि शिक्षण संस्थानों व सरकारी व निजी अस्पतालों के सौ गज के दायरे में गुटका, पान मसाला संग सिगरेट-बीड़ी की बिक्री को भी सख्ती से प्रतिबंधित कराया जाएगा। इसकी रोकथाम की सीधी जिम्मेदारी व जवाबदेही बीएसए, डीआईओएस, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी के साथ सीएमओ व संबंधित अस्पताल निदेशक व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक स्तर पर तय होगी।
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शिकायत दर्ज कराने पर मदद करेगा कंट्रोल रूम

डेमो
डीएम ने बताया कि चिह्नित स्थानों पर तंबाकू जनित पदार्थों की बिक्री रोकने व सार्वजनिक स्थलों पर धुंआ उड़ाने से रोकने को प्रभावी स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में हेल्पलाइन नंबरों का संचालन भी शुरू होगा। इसके तहत 0522--- 2611117 व 2711118 पर शिकायत दर्ज करानी होगी।

जागरूक नागरिक डीएम के मोबाइल नंबर 9415005000 पर भी सीधे कोटपा एक्ट के उल्लंघन के संबंध में जानकारी देकर कार्रवाई सुनिश्चित करा सकेंगे।राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को कोटपा अधिनियम के दायरे में और प्रभावी स्तर पर लागू कर सख्त बनाया जाएगा।

इसके तहत कोटपा अधिनियम की धारा 5 के तहत सार्वजनिक स्थलों, अस्पतालों बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, सरकारी कार्यालय परिसर परिसर अथवा इसकी सौ मीटर की परिधि में तंबाकू जनित सामग्री बेचने अथवा इसके उपयोग को नोडल अधिकारी नामित कर सख्ती से रोका जाएगा।
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