परिवहन निगम ने भी दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर हाईटेक व्यवस्था का शुभारंभ कर दिया है। परिवहन निगम इस योजना के तहत सबसे पहले ‘स्मार्ट कार्ड’ व्यवस्था शुरू करने जा रहा है। यात्री इस ‘स्मार्ट कार्ड’ से सस्ता सफर कर सकेंगे।
कंप्यूटराइज्ड चिप युक्त ‘स्मार्ट कार्ड’ की पहचान ई-टिकट के रूप में होगी। यात्रियों को सुविधा होगी कि वह ‘स्मार्ट कार्ड’ कहीं से बनवाएं और परिवहन निगम के किसी भी स्टेशन से रिचार्ज कराएं।
इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) ने ‘स्मार्ट कार्ड’ योजना को अंतिम रूप दिया है। परिवहन निगम ने इस काम की जिम्मेदारी मुंबई की आईटी कंपनी ट्राइमेक्स को सौंपी है जिसने ‘स्मार्ट कार्ड’ का साफ्टवेयर तैयार कर लिया है।
निगम के प्रबंध निदेशक पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि ‘स्मार्ट कार्ड’ बनाने के लिए 50 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस तय की गई है। आवेदक ‘स्मार्ट कार्ड’ के रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन या मैनुअल आवेदन कर सकेंगे।
इसे टॉपअप कार्ड से रिचार्ज किया जा सकेगा। ‘स्मार्ट कार्ड’ से साधारण बस का सफर सस्ता पड़ेगा। जो यात्री इस कार्ड से किराया चुकाएंगे उन्हें तय किराए से 20 फीसदी कम रकम देनी होगी।
यानी वे महज 80 फीसदी किराए में ही सफर कर सकेंगे। कंडक्टर द्वारा ‘स्मार्ट कार्ड’ को इलेक्ट्रानिक टिकटिंग मशीन (ईटीएम) से स्वैप कराते ही उसका किराया डेटा सेंटर में दर्ज हो जाएगा।
दरअसल, ‘स्मार्ट कार्ड’ की कंप्यूटराइज्ड चिप में यूजर नेम एवं कार्ड नंबर सहित पूरा विवरण दर्ज होगा। इसके लिए निगम मुख्यालय स्तर पर एक डेटा सेंटर बनाने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
बस अड्डों पर खुलेंगे काउंटर
परिवहन निगम के ‘स्मार्ट कार्ड’ बनाने और रिचार्ज करने के लिए हर जिले के बस अड्डे पर आईटी कंपनी ट्राइमेक्स के काउंटर खुलेंगे।
इन्हीं काउंटर पर इसे रिचार्ज करने वाले टॉपअप बिकेंगे। लखनऊ के आलमबाग में काउंटर की शुरुआत हो चुकी है जहां से स्मार्ट कार्ड का रजिस्ट्रेशन किया जा सकेगा।