प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश दिवस मना रही है। इस मौके पर विश्वकर्मा सम्मान समारोह में लघु उद्यमियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी 69वां स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। यूपी के विकास को नई ऊंचाई पर पहुंचाने के लिए ही शासन स्तर पर दूसरी बार दिवस मनाया जा रहा है। योगी ने कहा राज्यपाल राम नाईक की प्रेरणा से यूपी दिवस मनाया जा रहा है, वे केवल 87 वंर्ष के युवा हैं। वे सच में जनता के राज्यपाल हैं। काशी में 92 देशों से अप्रवासी भारतीय आये थे। लोग राज्यपाल की ऊर्जा देखकर अचंभित रहते थे। यूपी को ऐसा राज्यपाल पहली बार मिला जिसने राजभवन के दरवाजे जनता के लिए खोले हों। राज्यपाल ने जनता के लिए अपनी व्यस्तता के बावजूद समय दिया है। यह समारोह राज्यपाल के अभिनंदन का भी समारोह है।
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि यूपी को मिनी भारत के नाम से जानते हैं। 2011 की जनगणना के आधार पर हम 22 करोड़ की जनसंख्या हैं। 69 प्रतिशत साक्षर हैं और हम पूर्ण साक्षरता की ओर बढ़ रहै हैं। यूपी में बंद हो रहे उद्योगों को नया जीवन दिया है। यूपी आईटी उद्योग में भी अग्रणी है। 65 प्रतिशत मोबाइल यूपी में बन रहे हैं। सस्ती और सरल शिक्षा उपलब्ध कराई है। शुल्क को नियंत्रित किया। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि के क्षेत्र में काम हुआ है। राज्यपाल ने यूपी दिवस को राज्य स्तर पर मनाने की प्रेरणा दी है। सबसे पहले 1989 में यूपी के मूल निवासी अमरजीत मिश्रा ने मुंबई में यूपी दिवस मनाया था।
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने कहा कि हमारा कर्तव्य है कि प्रत्येक व्यक्ति को पता होना चाहिए कि यूपी का स्थापना दिवस कब है। चौधरी ने कहा कि योगी खुद श्रम शिल्पी हैं, उन्होंने ओडीओपी योजना लागू की। योगी के अलावा किसी मुख्यमंत्री ने यूपी के सभी जिलों का दौरा नहीं किया। योगी ने 15 महीने में सभी जिलों का दौरा किया है। यूपी दिवस मनाने के लिए हम मुख्यमंत्री के आभारी हैं।
कार्यक्रम में राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा, लघु उद्योग मंत्री सत्यदेव पचौरी, मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडे, विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित और खेल एवं युवा मामलों के मंत्री चेतन चौहान मंच पर मौजूद रहे। कार्यक्रम में महापौर संयुक्ता भाटिया भी उपस्थित थीं।