शहर में अब पटरी दुकानदारों के लिए छोटे-छोटे बाजार विकसित किए जाएंगे,
जिससे फुटपाथ से अतिक्रमण हटाया जा सके और गरीबों का रोजगार भी न छिने।
इसके लिए सभी प्रमुख मार्गों और कॉलोनियों में सर्वे का काम शुरू होगा। उसके बाद वहां पर पटरी दुकानदारों का पंजीकरण किया जाएगा।
इसके
अलावा एलडीए और आवास विकास को नगर निगम एक बार फिर कॉलोनी के अंदर ही
वेंडिंग जोन बनाने के लिए पत्र लिखेगा ताकि सब्जी-फल व मांस-मछली बेचने
वालों और मोची-धोबी का काम करने वालों को वहां बसाया जा सके।
नगर
विकास मंत्री अध्यक्षता में मंगलवार को फेरी नीति को लेकर पटरी दुकानदारों
के राष्ट्रीय संगठन नासवी के पदाधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें नगर
विकास मंत्री ने साफ किया था कि फुटपाथ का उपयोग उसी रूप में किया जाएगा,
जिसके लिए वह बने हैं।
फुटपाथ पर दुकानों के कारण अतिक्रमण बढ़ रहा है और
सड़क जाम की समस्या पैदा हो रही है। उन्होंने पटरी दुकानदारों को व्यवस्थित
करने के लिए उन्हें स्थाई दुकान बनाकर देने की बात कही थी।
मंत्री
ने पटरी दुकानदारों को इस तरह से व्यवस्थित करने को कहा है, जिससे उनका
रोजगार भी प्रभावित न हो और फुटपाथ पर अतिक्रमण भी न हो।
इस
बारे में नगर आयुक्त राकेश कुमार सिंह का कहना है कि फुटपाथ पर दुकान
लगाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। सर्वे का काम शुरू हो चुका है।