रायबरेली। जिले में आवासहीनों को छत मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्रों के चयन का काम चल रहा है। 88 ग्राम पंचायतों में लगाए गए कर्मचारियों ने दो माह में 10 प्रतिशत काम भी पूरा नहीं किया है। समीक्षा में मनमानी पकड़ में आने के बाद मंगलवार को सीडीओ अर्पित उपाध्याय ने कई सहायक विकास अधिकारियों व अवर अभियंताओं समेत 88 सर्वेयरों का मार्च माह का वेतन रोक दिया। समय से काम पूरा न करने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।
पिछले जनवरी माह से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गांवों में पात्रों के चयन के लिए सर्वे का काम चल रहा है। सीडीओ अर्पित उपाध्याय ने प्रगति की समीक्षा की तो पता चला कि जगतपुर के उमरी, सुदामापुर, नवाबगंज, जिंगना, कुसुमी, खूता, चिचौली, हरचंदपुर के प्यारेपुर, रुकुनपुर, शोभापुर, राही के दरियापुर, खागीपुर सड़वा, सलोन के केशवापुर, खतियारा, राजापुर माफी, ऊंचाहार के गंगौली, सुकुरुल्लापुर, शिवगढ़ के पिंडौली, राजापुर, कोटवा समेत 88 गांवों में सर्वे का कम सबसे खराब है।
सर्वेयर काम में रुचि नहीं ले रहे हैं, जिससे शासन की मंशा के अनुरूप काम नहीं हो पा रहा है। मनमानी पकड़ में आने के बाद सबसे खराब प्रगति वाले 88 कर्मचारियों का मार्च माह का वेतन रोक दिया गया है।
इनका रोका गया मार्च माह का वेतन
ग्राम विकास अधिकारी 24
ग्र्राम पंचायत अधिकारी 17
बीओपीवीडी 04
अवर अभियंता आरईडी 03
तकनीकी सहायक कृषि 12
पशु प्रसार अधिकारी 04
वीडीओ (समाज कल्याण) 02
असिस्टेंट बोरिंग टेक्नीशियन 08
एडीओ पंचायत 04
नलकूप ऑपरेटर 01
एडीओ (समाज कल्याण) 01
एडीओ (आईएसबी) 01
अवर अभियंता सिंचाई 01
अवर अभियंता एमआई 01
एडीओ कृषि 02
एडीओ कोऑपरेटिव 03
कुल 88
जिले की 980 ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास के लिए सर्वे का काम चल रहा है। 88 गांवों की प्रगति बेहद खराब है। मामले में सीडीओ के स्तर से संबंधित कर्मचारियों का मार्च माह का वेतन रोक दिया गया है।
सतीश प्रसाद मिश्रा, परियोजना निदेशक डीआरडीए