कार्यक्रम में मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व अन्य।
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उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं के कौशल को निखारने के साथ ही उनके लिए रोजगार की भी व्यवस्था कर रही है। सरकार ने एचसीएल टेक्नोलॉजी के साथ एमओयू किया है। इसमें न सिर्फ युवाओं को विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षित किया जाएगा, बल्कि उन्हें छह माह तक इंटर्नशिप भी कराई जाएगी। इस दौरान प्रतिमाह 10 हजार रुपये पारिश्रमिक भी दिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने एचसीएल के साथ हुए एमओयू के बाद की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कुछ सुझाव दिए हैं, जिन्हें शामिल करने के बाद इसमें प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके अंतर्गत आईटी सेवाओं और एसोसिएट की भूमिका में 12वीं के छात्रों को प्रशिक्षण के बाद एचसीएल में नौकरी का भी अवसर दिया जाता है।
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मिशन के उपनिदेशक राजीव यादव ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में पात्र उम्मीदवारों की पहचान करने के साथ ही बड़ी संख्या में युवाओं को इस कार्यक्रम में शामिल करेंगे। प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को स्नातक पूर्ण होने के बाद दो साल के लिए एचसीएल में नियोजित किया जाएगा, जिसकी सफलता के बाद उनकी नौकरी पू्र्णकालिक हो सकेगी। इसके तहत सॉफ्टवेयर डेवलपर, एनालिस्ट, डिजाइन इंजीनियर, कैड इंजीनियर और डाटा इंजीनियर, सपोर्ट एंड प्रॉसेस एसोसिएट सम्मिलित होंगे।