उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा है कि सरकार स्कूली स्तर पर ही विद्यार्थियों को कुशल बनाने पर जोर दे रही है। इसके लिए प्रदेश में 2700 कौशल विकास केंद्र खोले जाएंगे। केंद्रों की स्थापना के लिए राजकीय इंटर कॉलेजों में व्यवस्था की जा रही है। वे शनिवार को आईटी पार्क में एचसीएल के अर्ली करिअर प्रोग्राम को लेकर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि इंटर कॉलेजों के अलावा डिग्री कॉलेजों को भी कौशल विकास केंद्र से जोड़ा जाएगा। स्किल कनेक्ट मोबाइल एप भी जल्द लॉन्च किया जाएगा। इसके माध्यम से उन क्षेत्र के विद्यार्थियों को जोड़ा जाएगा जहां कौशल विकास केंद्र नहीं हैं।
यह सुविधा सभी राजकीय, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों के छात्रों को दी जाएगी। वर्तमान में विवि और कॉलेज छात्रों को सिर्फ डिग्री दे रहे हैं। इससे अकुशलता और बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। सरकार हर स्तर पर रोजगार सृजन का काम कर रही है। डॉ. शर्मा ने कहा कि हमारा प्रयास है कि युवाओं का पलायन रुके और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के अवसर मुहैया हों। इस दौरान उन्होंने एचसीएल लखनऊ की वेबसाइट का लोकार्पण भी किया।
पीएचडी की उपाधि देने के बनेंगे नियम
निजी विश्वविद्यालयों से संबंधित एक्ट के प्रस्ताव पर स्थिति साफ करते हुए डॉ. शर्मा ने कहा कि अभी प्रस्ताव को लेकर कई स्तर पर बैठकें होंगी। एक आदर्श एक्ट बनाया जा रहा है। एक्ट में निजी विश्वविद्यालयों की स्वायतता पर कोई खतरा नहीं आने दिया जाएगा, लेकिन मानद व पीएचडी उपाधि देने के लिए नियम बनाए जाएंगे।
मेट्रो सिटी में 70 फीसदी लोग सामान्य शहरों से
एचसीएल के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसीडेंट संजय गुप्ता ने कहा कि मेट्रो शहरों में काम करने वाले 70 फीसदी लोग टीयर टू व थ्री शहरों के होते हैं। उन्हें उनके ही शहरों में रोजगार मिले इस पर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नया पाठ्यक्रम बिट्स पिलानी के साथ मिलकर शुरू किया जा रहा है। एचसीएल इंटर उत्तीर्ण छात्रों को 15 माह की ट्रेनिंग के बाद रोजगार दे रही है। इस पाठ्यक्रम के शुरू होने से ये छात्र अब नौकरी के दौरान आठ वर्ष में एमटेक की डिग्री ले सकेंगे। उन्हें कैंपस में ही पढ़ाई की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इसमें एडमिशन प्रक्रिया जनवरी से शुरू होगी और अप्रैल से सत्र प्रारंभ हो जाएगा।