25 जनवरी को छह ग्रह एक साथ आएंगे।
लखनऊ। अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए 25 जनवरी का दिन खास होने वाला है। इस दिन सूर्यास्त के बाद आसमान में एक साथ एक दिशा में छह ग्रहों की उपस्थिति रहेगी। लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं को टेलीस्कोप से यह घटना दिखाई जाएगी। इसका वैज्ञानिक कारण भी बताया जाएगा। वहीं, आम लोग अपने मोबाइल फोन पर एप के माध्यम से यह नजारा देख पाएंगे।
लविवि में गणित एवं खगोल विज्ञान विभाग की शिक्षक डॉ. अलका मिश्रा ने बताया कि यह खगोलीय घटना है। इससे पहले वर्ष 2022 में ग्रहों और सितारों को आसमान में परेड करते देखा गया था। खगोल विज्ञान में ऐसा कम ही होता है, कई बार तो पांच से 10 वर्षों के बाद ऐसी घटना होती है। 25 जनवरी की रात लार्ज प्लेनेटरी एलाइनमेंट यानी बड़ी ग्रह पंक्ति बनेगी। इसमें छह ग्रह एक दिशा में एक साथ देखे जा सकेंगे। सूर्यास्त के बाद आसमान में मंगल, बृहस्पति, शुक्र, शनि, यूरेनस और नेपच्यून एक साथ दिखेंगे। इसमें शुक्र, बृहस्पति, शनि और मंगल को खुली आंखों से देखा जा सकेगा, जबकि यूरेनस और नेपच्यून को टेलीस्कोप से देख सकेंगे।
अमावस की रात दिखेगा तारों का समूह
खगोल विज्ञानी डॉ. अलका मिश्रा ने बताया कि 29 जनवरी को अमावस्या है। इस रात तारों के समूह साफ नजर आएंगे, जिससे आकाश में अद्भुत आकृति उभरेगी। रात में आकाशगंगा के छह सबसे ज्यादा चमकदार तारे ''''''''विंटर हेक्सागन'''''''' बनाएंगे। डॉ. अलका के मुताबिक, ‘विंटर हेक्सागन’ नाम अमूमन ध्रुवों या ठंडे पहाड़ों से साफ आसमान के दौरान दिखने के कारण पड़ा है। इस बार अगर आसमान साफ रहा तो इसे मैदानी क्षेत्रों से भी साफ देखा जा सकेगा।
मोबाइल ऐप्स के जरिए देख सकेंगे परेड
डॉ. अलका ने बताया कि प्लेनेट परेड का मजा नग्न आंखों से देखने में है। मोबाइल फोन पर गूगल स्काई मैप और स्टेलेरियम ऐप पर भी इस खगोलीय घटना का आनंद लिया जा सकता है। उनके मुताबिक, शहर में प्रदूषण और धुंध के कारण कई ग्रह सही तरह से दिखाई नहीं देंगे। इसलिए मोबाइल पर यह आसानी से देखे जा सकेंगे।