सरोजनीनगर। ट्रांसपोर्टनगर स्थित कन्हैया फार्मा के गोदाम पर तीन सितंबर को एएनटीएफ ऑपरेशनल यूनिट ने छापा मारा। टीम को कोडिन युक्त सिरप सहित 71.44 लाख रुपये की नशीली दवाएं मिलीं। पुलिस ने मौके से इनकी तस्करी करने के छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
एएनटीएफ यूनिट के प्रभारी दरोगा सूरज सिंह के मुताबिक, उन्हें दो सितंबर को सूचना मिली थी कि ट्रांसपोर्टनगर में बड़ी मात्रा में नशीली दवाओं का अवैध कारोबार होने वाला है। टीम ने निगरानी शुरू कर दी। तीन सितंबर को औषधि निरीक्षकों के साथ टीम छानबीन कर रही थी। एक मकान के सामने गोदाम में कुछ लोग कार्टूनों को बोरियों में छिपाते दिखे। पुलिस ने घेराबंदी कर अमीनाबाद के मकबूलगंज निवासी किशन वासवानी, कानपुर देहात के राजपुर निवासी समीर अहमद और मदेयगंज में खदरा स्थित अलीपुर बड़ी पकड़िया निवासी शाद इरशाद को पकड़ा। किशन और समीर के पास से 16 कार्टूनों में 9.60 लाख अल्प्राजोलम टैबलेट मिलीं। शाद इरशाद के पास से 11 कार्टून बरामद हुए। इनमें 1.20 लाख ट्रामाडोल कैप्सूल और 720 बोतल ऑनेरेक्स कोडिन युक्त कफ सिरप मिला।
पूछताछ में किशन और समीर ने आशियाना के सेक्टर-एम निवासी कन्हैया फार्मा के संचालक उमेश कुमार का नाम बताया। इसके बाद टीम ने उमेश को हिरासत में लिया। उमेश ने आजमगढ़ के के बरदा सतेंद्र सिंह की फर्म के कागजात से खरीद-बिक्री की जानकारी दी। इसके बाद सतेंद्र को भी गिरफ्तार किया गया। कन्हैया फार्मा की जांच में प्राक्सीमिक्स स्पास की 1,116 बॉक्स नशीली दवा भी मिली।
दरोगा सूरज सिंह के मुताबिक, फर्म संचालक दवाओं के क्रय-विक्रय के संतोषजनक अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका, इसलिए कन्हैया फार्मा को सील कर दिया गया। शाद इरशाद से दोबारा पूछताछ में आलमनगर के भपटामऊ निवासी विशाल चौरसिया का नाम सामने आया। इसके बाद उसे भी पकड़ा गया। उसके कब्जे से मोबाइल, तीन हजार रुपये, पैन कार्ड और दो डेबिट कार्ड बरामद हुए। पुलिस के मुताबिक, विशाल ने शाद को नशीली दवाओं की सप्लाई करना स्वीकार किया। जांच में अन्य सप्लायरों के नाम भी सामने आए हैं।