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सिचुएशनशिप: प्यार है, पर साथ निभाने का वादा नहीं, रिश्तों के भारी-भरकम बंधन से दूर भाग रही नई पीढ़ी

Thu, 12 Feb 2026 03:46 PM IST
ishwar ashish मनीषा गोस्वामी, अमर उजाला, लखनऊ

सार

समाजशास्त्री व लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. मुकुल श्रीवास्तव का मानना है कि सिचुएशनशिप आर्थिक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संकेत है। इससे रिश्तों को लेकर होने वाले विवाद कम हुए हैं और भविष्य को लेकर तकरार घट रही है। पढ़ें, एक विश्लेषण: 
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
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आज की जेनजी पीढ़ी रिश्तों में परंपरागत समर्पण और भारी-भरकम बंधन से दूरी बना रही है। उन्हें न वादा करना पसंद है और न ही दावा। भविष्य की चिंता किए बिना वर्तमान में जीना उनकी प्राथमिकता बन गया है। 'क्या हम डेट कर रहे हैं?' या 'हमारा भविष्य क्या है?' जैसे सवालों की जगह अब एक नया शब्द ले चुका है... सिचुएशनशिप। यह दोस्ती से आगे, लेकिन कमिटेड रिलेशनशिप से पीछे का रिश्ता है, जहां जरूरत के हिसाब से रिश्ते बनते और टूटते हैं। मनोवैज्ञानिक इसे अकेलेपन और जिम्मेदारियों से बचने का तरीका मानते हैं, जबकि समाजशास्त्री इसे आर्थिक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का प्रतीक बताते हैं।

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मनोवैज्ञानिक व 1090 वीमेन पावर लाइन की परामर्शदाता प्रो. रश्मि सोनी के अनुसार, खुले और व्यावहारिक नजरिये वाली जेनजी को रिश्तों में बंधन बोझ लगता है। वे अकेले रहना भी नहीं चाहते, इसलिए शारीरिक और मानसिक जरूरतों की पूर्ति के लिए सिचुएशनशिप चुनते हैं। इससे तत्काल मानसिक शांति मिलती है और जिम्मेदारियों का दबाव नहीं रहता। हालांकि, रिश्ता खत्म होने पर इमोशनल एंग्जायटी, असुरक्षा और ब्रेकअप जैसा दर्द सामने आता है। कई मामलों में एक पक्ष रिश्ते से बाहर निकल जाता है, जबकि दूसरा भावनात्मक रूप से उसमें फंसा रह जाता है, बिना उसे निभाने का अधिकार मिले। उनके पास हर महीने ऐसे 8-9 मामले आ रहे हैं। 

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आपसी विवादों में कमी: समाजशास्त्री व लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. मुकुल श्रीवास्तव का मानना है कि सिचुएशनशिप आर्थिक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संकेत है। इससे रिश्तों को लेकर होने वाले विवाद कम हुए हैं और भविष्य को लेकर तकरार घट रही है। लोग बिना भविष्य की चिंता किए वर्तमान में जी रहे हैं, जो समाज के लिए सकारात्मक संकेत है। यह महिलाओं की आर्थिक, भावनात्मक, सामाजिक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को भी दर्शाता है।

सोशल मीडिया ने बढ़ाया चलन : प्रो. मुकुल श्रीवास्तव के अनुसार सोशल मीडिया ने इस चलन को तेज किया है। वायरल वीडियो और ऑनलाइन प्रस्तुति की चाह ने सिचुएशनशिप को कई युवाओं के लिए सही विकल्प बना दिया है।

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जानिए क्या है सिचुएशनशिप

सिचुएशनशिप एक ग्रे एरिया है, जहां दो लोग साथ समय बिताते हैं, भावनात्मक और शारीरिक रूप से जुड़ते हैं, लेकिन कोई औपचारिक वादा नहीं होता। दोनों जानते हैं कि वे न गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड हैं, न सिर्फ दोस्त। इस रिश्ते का तय भविष्य नहीं होता और दोनों को कभी भी इसे खत्म करने का अधिकार होता है। आमतौर पर यह छह महीने तक सीमित रहता है।
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