समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव
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समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं का आह्वान किया है कि वे राज्य व केंद्र की भाजपा सरकार की अक्षम्य गलतियों व जनविरोधी नीतियों का जनता के बीच जाकर पर्दाफाश करें। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जनता का भरोसा तोड़ा है। सरकार मनमानी पर उतारू है। नागरिक अधिकारों को कुचला जा रहा है। देश में फिर 25 जून 1975 जैसे आपातकाल के हालात बन रहे हैं। वे बृहस्पतिवार को पार्टी मुख्यालय पर ‘समाजवादी पार्टी का आह्वान’ अभियान की शुरुआत कर रहे थे।
उन्होंने कहा, किसान लुट रहा है, मजदूर भूखों मर रहे हैं, बेरोजगारी व महंगाई बेलगाम हो गई है। नौकरी के नाम पर युवाओं को धोखा दिया जा रहा है। बुनकर, दस्तकार व उद्यमी भी किसानों की तरह आत्महत्या करने को विवश हैं। भाजपा सरकार मंडियां खत्म करने के बाद खेती को कॉरपोरेट खेती में बदलने की साजिश रच रही है। उन्होंने आह्वान किया कि युवाओं और किसानों के साथ अन्याय न हो और अभिव्यक्ति की आजादी न छिने। उन्होंने उन लोकतंत्र सेनानियों को नमन किया, जिन्होंने आपातकाल में जुल्म सहकर भी तानाशाही को उखाड़ फेंका।
सिकुड़ रहीं देश की सीमाएं
अखिलेश ने कहा, देश की सीमाएं सिकुड़ रही हैं। कोरोना महामारी से पूरा देश डरा-सहमा है। अनियोजित लॉकडाउन ने सामाजिक व आर्थिक गतिविधियां ठप कर दी हैं। केंद्र सरकार ने देश को आर्थिक अराजकता, मंदी, अपराध और लोकतंत्र के अवमूल्यन की दिशा में ढकेला है।
साजिश और अफवाह, भाजपा के हथियार
उन्होंने कहा कि साजिश व अफवाह, भाजपा के हथियार हैं। भाजपा की एकाधिकारी प्रवृत्ति की आशंका प्रबल है। 25 जून 1975 को देश में लोकतंत्र को तानाशाही का शिकार बनाया गया था। जनता विरोध में उठी तो दूसरी आजादी की रक्षा हो सकी। फिर उसी तरह सांविधानिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा ऐसे लोगों के मंसूबों का पूरा नहीं होने दिया जाएगा।
भाजपा को बेदखल करना लक्ष्य
अखिलेश ने कहा है कि भाजपा ने प्रदेश की सत्ता में आने के बाद जनहित का कोई खास काम नहीं किया है। जनता इस विश्वासघात को भूल नहीं सकती। हमारा लक्ष्य प्रदेश में कुशासन का पर्याय भाजपा सरकार को 2022 के चुनाव में सत्ता से बेदखल करना है। सपा आर्थिक-सामाजिक गैर बराबरी और विषमताओं के खिलाफ हमेशा संघर्षरत रही है।