Sitapur Murder Case: सीतापुर हत्याकांड में मुख्य आरोपी अजीत सिंह ने हत्या करने से पहले ही एक दिन का मेडिकल अवकाश अप्लाई कर रखा था, जबकि उसकी तबियत एकदम ठीक थी।
भाई व मां संग छह हत्याओं का मास्टर माइंड अजीत रामपुर मथुरा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बरी जगतपुर में सहायक अध्यापक के रूप तैनात है। मंगलवार को शिक्षकों के बीच इसी हत्याकांड की चर्चा होती रही। जांच में पता चला है कि अजीत इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए पहले से ही साजिश रच चुका था।
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अजीत ने शनिवार का एक दिवसीय चिकित्सीय अवकाश पहले ही स्वीकृत करवा लिया था। जबकि उसकी कोई तबीयत खराब ही नहीं थी। यह अवकाश इस बात का भी इशारा करता है कि अजीत को पता था कि शनिवार तड़के कुछ ऐसा होगा, जिस वजह से वह स्कूल नहीं जा सकेगा। स्कूल के स्टॉफ ने दबी जुबान बताया कि अजीत सिंह करीब चार साल से इस स्कूल में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात है। स्कूल में करीब 80 बच्चे पंजीकृत हैं लेकिन अजीत का मन कभी भी शिक्षण कार्य में नहीं लगता था।
बीते दो महीने से वह फोन पर लंबी-लंबी बातें करने लगा था। सूत्रों की मानें तो अजीत के साथ काम करने वाले उसके व्यवहार को अजीब मानने लगे थे। स्कूल में अजीत अपने किसी करीबी से फोन पर बात करते समय अनुराग की संपन्नता की चर्चा कर अपनी तुलना भी किया करता था। उसे अक्सर अनुराग के बच्चों का लखनऊ स्थित एक बड़े प्राइवेट स्कूल में पढ़ाई करना भी खलता था। मां सावित्री का अनुराग के प्रति झुकाव उसे अखरता था। यही वजह रही कि अनुराग, सावित्री और प्रियंका के अलावा तीनों बच्चों की बबर्रतापूर्ण ढंग से हत्या की गई।
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निलंबन की संस्तुति करेंगे एबीएसए
अजीत बरी जगतपुर के प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात है। शनिवार के लिए ऑनलाइन एक दिवसीय चिकित्सीय अवकाश लिया था। 14 मई को वह बिना सूचना के गैरहाजिर रहा। अखबार के माध्यम से पल्हापुर हत्याकांड के बारे में पता चला। उसे निलंबित करने की संस्तुति कर रिपोर्ट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजी जा रही है। - उदयमणि पटेल, खंड शिक्षा अधिकारी