सीतापुर के सदरपुर थाना क्षेत्र में अंतिम संस्कार के लिए जा रही शवयात्रा के दौरान मृतक के परिजनों में विवाद हो गया। जिसके बाद जमकर लात-घूसे चले। रविवार दोपहर के समय यह घटना हुई। पुलिस ने मामले को शांत कराते हुए तीन लोगों को हिरासत में लेकर शांतिभंग की आशंका में कार्रवाई की है। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कराया गया।
क्षेत्र के बड़ा चौराहा निवासी राजू पोरवाल करीब पिछले 15 दिनों से बीमार थे। शनिवार शाम इलाज के दौरान लखनऊ में उनकी मौत हो गई। रविवार सुबह मृतक राजू की बेटियां और अन्य रिश्तेदार अंतिम संस्कार की तैयारियां कर रहे थे। इसी दौरान महमूदाबाद के नई बाजार दक्षिणी निवासी मृतक के भाई मनोज कुमार, संतोष, अशोक, सदरपुर निवासी अवधेश के साथ बहनोई अरुण, बहन आरती, गुड़िया, अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पहुंचे गए। अंतिम संस्कार के लिए शव को जैसे ही ले जाया जाने लगा, तभी मनोज और अशोक ने शवयात्रा को रोकते हुए कंधा देने की बात कही। इस पर मृतक की बेटियों और उनके भाई-बहनों के बीच विवाद होने लगा। जिसके बाद मारपीट होने लगी, दोनों पक्षों के बीच जमकर लात-घूसे चले।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर शांतिपूर्वक अंतिम संस्कार करवाया। वहीं, मृतक की बेटी विधि पोरवाल ने अपने चाचा अवधेश, संतोष, मनोज और बुआ आरती, गुड़िया फूफा अरुण पर मारपीट का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। एसओ राकेश सिंह ने बताया कि तीन लोगों को हिरासत में लेकर शांतिभंग की आशंका में कार्रवाई की गई है। अभी तक मामले की तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
...तो यह थी विवाद की वजह
विवाद का असली वजह मृतक की संपत्ति बताई जा रही है। राजू की छह बेटियां हैं, कोई बेटा नहीं है। जब वह बीमार हुए तो बेटियों ने ही उनका इलाज कराया था। मौत के बाद मृतक के भाई-बहन ने बेटियों और उनके पतियों पर संपत्ति के लालच में राजू का सही तरीके से इलाज न कराने का आरोप लगाया। इसके बाद वे लोग कंधा देने की बात कहने लगे। इसी विवाद पर मारपीट की नौबत आ गई।