महोली के मुसब्बरपुर में एक माह से घूम कर रहा तेंदुआ शुक्रवार देर रात 2 बजे से 3 बजे के बीच वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। एक माह से बांसी, ढिगरा, नौगवां, रामनगर, चकरेरा, चडरा व अन्य गांव में तेंदुए की दहशत कायम थी। इस तेंदुए का मुसब्बरपुर में एक युवक ने वीडियो भी बनाया था। महोली रेंजर के एन भार्गव ने बताया कि तेंदुआ पिंजरे में शिकार के लालच में आया और देर रात फंस गया। उसे इलसिया स्थित वन चेतना पार्क भेजा जा रहा है।
6 दिन पूर्व बना था तेंदुए का वीडियो
छह दिन पूर्व किसान धर्मेंद्र अपने भाई नरेंद्र के साथ गन्ने की पत्ती लेने खेत गए थे। अंधेरा होने पर जब वे ट्रैक्टर से लौट रहे थे, तो जंगल से गुजरते समय तेंदुआ उनके सामने आ गया। खतरा भांपकर धर्मेंद्र ने हॉर्न बजाया और ट्रैक्टर तेजी से भगाया, जिसके बाद तेंदुआ जंगल की ओर चला गया। धर्मेंद्र ने ग्रामीणों को पूरी बात बताई, जिसके बाद ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर सतर्क हो गए। वहीं, 11 अक्तूबर को भी कुछ लोगों ने गांव के बाहर सड़क किनारे तेंदुए का वीडियो बनाया था। इसके बाद वन विभाग ने गांव के बाहर पिंजरा लगाया था।
हिरन का भी तेंदुआ कर चुका शिकार
बृहस्पतिवार देर शाम चंडरा गांव निवासी संदीप यादव गांव के निकट खेत पर गया था। जहां गांव के ही रामविलास त्रिवेदी के खेत में एक हिरण का शव पर पड़ा देखा। संदीप के मुताबिक उसका आधा शरीर किसी जंगली जानवर ने खाया था। पास में ही पग चिह्न भी दिखाई पड़े। उसने गांव पहुंचकर ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। सूचना पर शुक्रवार सुबह मौके पर पहुंची थी। वन विभाग की टीम ने मिले पग चिह्न तेंदुआ के होने की पुष्टि की थी।
संदना इलाके में भी दहशत बरकार
संदना इलाके में तेंदुए की दहशत बरकरार है। बीते तीन दिनों से वन विभाग तमाम कोशिशों के बाद भी तेंदुए की लोकेशन ट्रेस नही हो सकी है। जिसके संबंध में वन क्षेत्राधिकारी सिकंदर सिंह ने बताया कि वन विभाग की टीम तेंदुए की लोकेशन ट्रेस करने के लिए लगातार काबिंग कर रही है।