सहारनपुर और कुशीनगर में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में एसआईटी ने जांच पूरी कर ली है। जांच में सामने आया है कि जहरीली शराब के पीड़ितों को त्वरित चिकित्सीय सहायता न मिलने से मौत का आंकड़ा बढ़ा है। एसआईटी ने इसके लिए कुछ सुझाव भी दिए हैं। एसआईटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपने की तैयारी में है।
जहरीली शराब के सेवन से सहारनपुर व कुशीनगर में 8 फरवरी को कई लोगों की मौत हो गई थी। सीएम के निर्देश पर इस मामले की जांच के लिए 10 फरवरी को एडीजी रेलवे संजय सिंघल की अध्यक्षता में एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया गया था। इसमें गोरखपुर व सहारनपुर के मंडलायुक्त व आईजी बतौर सदस्य शामिल थे।
एसआईटी को जांच दस दिनों में पूरी करनी थी, लेकिन यह अब पूरी हो पाई है। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी ने जांच में इस कांड के लिए जिन लोगों को दोषी ठहराया है, उनके खिलाफ पहले ही कार्रवाई हो चुकी है। जांच में यह सामने आया है कि जहरीली शराब पीने से बीमार पड़े लोगों को अगर समय से चिकित्सीय सहायता मुहैया हो जाती तो कई लोगों की जान बच सकती थी। रिपोर्ट में एसआईटी ने जहरीली शराब के कारोबार को लेकर विस्तार से जानकारी देने के साथ ही पीड़ितों को त्वरित चिकित्सीय सहायता मुहैया कराने के लिए कई सुझाव भी दिए हैं।