उन्होंने पार्टी संगठन में 50 साल से अधिक उम्र वालों को स्थान न देने से पार्टी के फैसले पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि 50 साल की उम्र वाले कांग्रेसी नेताओं ने ही आजादी की लड़ाई लड़ी थी।
सिराज मेंहदी ने इस बार पीसीसी के गठन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पहले सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त होता था, इसके बाद प्रदेश कमेटी का गठन वरिष्ठों की सलाह के बाद होता था, लेकिन इस बार प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के साथ ही कमेटी भी थोप दी गई है। इसमें दलबदलुओं को तरजीह दी गई है।