नई भर्ती न होने से आवास विकास में कर्मचारियों की भारी कमी है। इसे पूरा करने के लिए अब निश्चित मानदेय पर 500 से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारियों को रखा जाएगा।
इसके तहत अवर अभियंता को 25 हजार रुपये महीना तथा क्लर्क व लेखाकार को 20-20 हजार रुपये महीना दिया जाएगा। इसके लिए सेवानिवृत्त कर्मचारी चाहे किसी भी विभाग का हो, मगर उसकी आयु 65 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके लिए जल्द ही एक कमेटी गठित की जाएगी जो जरूरी प्रक्रिया पूरी कर नियुक्ति की कार्यवाही शुरू करेगी।
अवर स्तरीय पदों के लिए नहीं होगा साक्षात्कार
परिषद में भी अब अवर स्तरीय पदों पर नियुक्ति के लिए अभ्यर्थी का साक्षात्कार नहीं लिया जाएगा। इस संबंध में शासन के जारी आदेश को परिषद ने अंगीकार कर लिया। बोर्ड ने साक्षात्कार बंद करने की नियमावली लागू करने की मंजूरी दे दी है।
वहीं अब तक सहायक अभियंता से अधिशासी अभियंता और अधिशासी अभियंता से अधीक्षण अभियंता पर पदोन्नति के लिए दो साल का नॉन फील्ड जॅाब अनिवार्य था। अभियंताओं के विरोध को देखते हुए परिषद बोर्ड ने दो साल के नॉन फील्ड जॉब की अनिवार्यता समाप्त कर दी।
परिषद के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 30 रुपये प्रतिदिन के बजाय अब 50 रुपये प्रतिदिन वाहन भत्ता दिया जाएगा। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी डाक लाने-ले जाने का काम करते हैं। वे काफी दिनों से वाहन भत्ता बढ़ाने की मांग कर रहे थे।
ये प्रमुख प्रस्ताव भी हुए पास
- आवासीय योजनाओं के लिए लैंड पूलिंग सिस्टम अपनाना।
- ऑनलाइन बिल्डिंग एप्रूवल सिस्टम लागू करना।
- यूपी एनर्जी कंजर्वेशन बिल्डिंग कोड 2018 लागू करना।
- पर्यटन इकाइयों को भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क और विकास शुल्क से पूरी छूट तथा लीज होल्ड इकाइयों को परिषद के नियमों के तहत फ्री होल्ड कराना।
- अवैध निर्माण सील करने के लिए भवन निर्माण अधिनियम की धारा 82 में संशोधन।
- सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता सुरेश कुमार रायतानी को एक साल के लिए ओएसडी पर रखा जाएगा।
- वृंदावन योजना लखनऊ में नगरीय परिवहन निदेशालय को आवंटित पी-4 पार्किंग पर लगा 32 लाख रुपये का विज्ञापन शुल्क माफ करना।
- नगर नियोजक हेमा अग्रवाल को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति।