फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

60 दिन में फ्लैट की कीमत जमा करने पर 5% की छूट, आवास विकास की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव मंजूर

Thu, 10 Oct 2019 11:38 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
- फोटो : amar ujala
विज्ञापन

आवास विकास परिषद के फ्लैट की कीमत 60 दिन में एकमुश्त जमा करने वाले आवंटियों को अब पांच प्रतिशत की छूट मिलेगी। आवास विकास परिषद के प्रदेश भर में करीब 9000 फ्लैट्स खाली पड़े हैं। इनमें करीब 3000 फ्लैट्स राजधानी में हैं। ये कई साल से बिक नहीं रहे हैं। इन्हें बेचने के लिए परिषद आवंटियों को लुभाने की योजना लाई है। प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव पास हो गया। अब तक यह लाभ सिर्फ दो प्रतिशत दी जा रही थी।

विज्ञापन


बोर्ड बैठक के बाद परिषद सचिव विशाल भारद्वाज ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 के बजट को भी बोर्ड ने अनुमोदित कर दिया। परिषद की ओर से 2840 करोड़ आय और 2760 करेाड़ व्यय का बजट अनुमोदन के लिए पेश किया था।

बजट के तहत इस साल परिषद सड़क, नाला-नाली और पार्कों के विकास पर 896 करोड़ रुपए खर्च करेगी। प्रधानमंत्री आवास योजना पर इस बार 350 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बोर्ड ने मथुरा के वृंदावन में नेशनल हाईवे पर 250 एकड़ में नई आवासीय योजना की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
विज्ञापन


सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी चिकित्सा प्रतिपूर्ति की सुविधा
आवास विकास परिषद के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी अब चिकित्सा प्रतिपूर्ति का लाभ दिया जाएगा। इससे करीब 5000 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को फायदा होगा। सेवानिवृत्त कर्मचारी लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे।

मानदेय पर रखे जाएंगे 500 से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारी

नई भर्ती न होने से आवास विकास में कर्मचारियों की भारी कमी है। इसे पूरा करने के लिए अब निश्चित मानदेय पर 500 से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारियों को रखा जाएगा।

इसके तहत अवर अभियंता को 25 हजार रुपये महीना तथा क्लर्क व लेखाकार को 20-20 हजार रुपये महीना दिया जाएगा। इसके लिए सेवानिवृत्त कर्मचारी चाहे किसी भी विभाग का हो, मगर उसकी आयु 65 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके लिए जल्द ही एक कमेटी गठित की जाएगी जो जरूरी प्रक्रिया पूरी कर नियुक्ति की कार्यवाही शुरू करेगी।

अवर स्तरीय पदों के लिए नहीं होगा साक्षात्कार
परिषद में भी अब अवर स्तरीय पदों पर नियुक्ति के लिए अभ्यर्थी का साक्षात्कार नहीं लिया जाएगा। इस संबंध में शासन के जारी आदेश को परिषद ने अंगीकार कर लिया। बोर्ड ने साक्षात्कार बंद करने की नियमावली लागू करने की मंजूरी दे दी है।

वहीं अब तक सहायक अभियंता से अधिशासी अभियंता और अधिशासी अभियंता से अधीक्षण अभियंता पर पदोन्नति के लिए दो साल का नॉन फील्ड जॅाब अनिवार्य था। अभियंताओं के विरोध को देखते हुए परिषद बोर्ड ने दो साल के नॉन फील्ड जॉब की अनिवार्यता समाप्त कर दी।
विज्ञापन

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का वाहन भत्ता बढ़ा

परिषद के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 30 रुपये प्रतिदिन के बजाय अब 50 रुपये प्रतिदिन वाहन भत्ता दिया जाएगा। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी डाक लाने-ले जाने का काम करते हैं। वे काफी दिनों से वाहन भत्ता बढ़ाने की मांग कर रहे थे।

ये प्रमुख प्रस्ताव भी हुए पास
- आवासीय योजनाओं के लिए लैंड पूलिंग सिस्टम अपनाना।
- ऑनलाइन बिल्डिंग एप्रूवल सिस्टम लागू करना।
- यूपी एनर्जी कंजर्वेशन बिल्डिंग कोड 2018 लागू करना।
- पर्यटन इकाइयों को भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क और विकास शुल्क से पूरी छूट तथा लीज होल्ड इकाइयों को परिषद के नियमों के तहत फ्री होल्ड कराना।

- अवैध निर्माण सील करने के लिए भवन निर्माण अधिनियम की धारा 82 में संशोधन।
- सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता सुरेश कुमार रायतानी को एक साल के लिए ओएसडी पर रखा जाएगा।
- वृंदावन योजना लखनऊ में नगरीय परिवहन निदेशालय को आवंटित पी-4 पार्किंग पर लगा 32 लाख रुपये का विज्ञापन शुल्क माफ करना।
- नगर नियोजक हेमा अग्रवाल को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें