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SIR in UP:अभी कुछ नाम भी हो सकते हैं सूची से बाहर, खारिज हो सकते हैं बिना फोटो-नंबर वाले फॉर्म

Sun, 18 Jan 2026 04:42 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

SIR in UP: यूपी में एसआईआर में जिन लोगों ने अपने फॉर्म में मोबाइल नंबर नहीं लिखा है और तस्वीर नहीं लगाई है वह सूची से बाहर हो सकते हैं। 
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यूपी में एसआईआर। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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यूपी के जिन जिलों में औसत से काफी कम नाम मतदाता सूची से कटे हैं, वहां बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। आयोग की गोपनीय समीक्षा में सामने आया है कि वहां बड़ी संख्या में गणना फॉर्मों को मतदाताओं के बिना फोटो और मोबाइल नंबर के जमा किया गया है। माना जा रहा है कि फोटो और मोबाइल नंबर मांगे जाने पर वहां मृतक और स्थानांतरित या अनुपस्थित श्रेणी के और नाम मतदाता सूची से बाहर होंगे।
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इस संबंध में आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को जरूरी निर्देश दे दिए हैं। इन जिलों में बीएलओ के बिना घर-घर गए गणना फॉर्म अपने स्तर से ही जमा कर देने की आशंका भी जताई जा रही है। यूपी में 6 जनवरी को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी। 27 अक्तूबर को फ्रीज की गई मतदाता सूची की तुलना में 18.70 प्रतिशत नाम इस सूची से हटा दिए गए हैं।

कई जिले ऐसे हैं, जहां प्रदेश के औसत से काफी कम वोट कटे हैं। मसलन, ललितपुर में 9.95 प्रतिशत नाम डिलीट किए गए। यहां की समीक्षा में सामने आया कि बीएलओ ने बड़ी संख्या में गणना फॉर्मों के साथ फोटो और मोबाइल नंबर अपलोड नहीं किए हैं। इसी तरह से पीलीभीत, अमरोहा, हमीरपुर, महोबाद, बांदा, चित्रकूट, गाजीपुर और अम्बेडकरनगर में 10.78 प्रतिशत से लेकर 13.85 प्रतिशत नाम ही कटे हैं। आयोग ने यहां के गणना प्रपत्रों का भी विश्लेषण किया है। यहां बता दें कि अब मसौदा सूची से नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 भरकर प्रक्रिया पूरी करनी होगी। गणना चरण में जो फॉर्म वापस नहीं आए थे, उन्हें हटा दिया गया था।
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आयोग सजग, पकड़ लेगा हर गलती
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों की एक ऑनलाइन बैठक में कहा कि चुनाव आयोग एसआईआर के डाटा का विश्लेषण कर हर खामी को पकड़ लेगा। इसलिए किसी भी स्तर पर गलत काम न करें। जिन जिलों में खामियां समय रहते दुरुस्त नहीं की गईं, वहां जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होना भी तय है।
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