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SIR: यूपी में दूसरे व्यक्ति की शिकायत पर कटे हैं मात्र 4336 वोट, फॉर्म-6 में जन्मतिथि के लिए आधार मान्य

Wed, 18 Feb 2026 10:48 PM IST
आकाश द्विवेदी डिजिटल डेस्क, लखनऊ

सार

रिणवा ने बताया कि फॉर्म-6 में जन्मतिथि के प्रमाण के लिए आधार कार्ड भी मान्य होगा। साथ ही कहा कि सपा ने मैनपुरी में नोटिस की सुनवाई का स्थान उनके बूथ से काफी दूर होने की बात सही है।
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यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रदेश में बड़े पैमाने पर मतदाता सूची से नाम काटने की साजिश संबंधी शिकायतों को निराधार बताया है। उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि किसी व्यक्ति द्वारा दूसरे किसी व्यक्ति का नाम काटने के लिए दिए गए फार्म-7 की वजह से काटे गए नामों की संख्या महज 4336 है। उन्होंने इस संबंध में मुख्य विपक्षी पार्टी सपा के आरोपों पर विस्तार से आयोग का पक्ष रखा।

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रिणवा ने कहा कि 6 जनवरी से 17 फरवरी तक 1.40 लाख फार्म-7 के आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें से 55,752 महिला, 84,667 पुरूष और 6 तृतीय लिंग के मतदाता हैं। अगर एसआईआर की तिथि 27 अक्तूबर से गिना जाए तो अब तक 1.89 लाख फार्म-7 प्राप्त हुए। इसमें 76866 महिला, 1.12 लाख पुरुष और तृतीय लिंग के 8 मतदाता शामिल हैं।

मसौदा सूची प्रकाशित होने की तिथि 6 जनवरी से 16 फरवरी तक 1.35 लाख फार्म-7 में से 70,865 आवेदन स्वयं मतदाताओं द्वारा दिया गया है। 16863 आवेदन मतदाता द्वारा अपना नाम स्थानान्तरित किए जाने के लिए आवेदन (फार्म-8) के फलस्वरूप स्वतः जनरेट हुए हैं। किसी दूसरे व्यक्ति का नाम हटाने के लिए अन्य व्यक्ति द्वारा दिए गए आवेदनों की संख्या मात्र 47684 है।
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6 जनवरी से 16 फरवरी तक दावा एवं आपत्ति अवधि में 12.55 करोड़ मतदाताओं में से अब तक मात्र 23935 मतदाताओं के नाम विलोपित किए गए हैं, जिसमें फार्म-8 की वजह से विलोपन 14388, स्वयं मतदाता द्वारा अपना नाम स्थानांतरित किए जाने के लिए दिए गए आवेदन के फलस्वरूप विलोपित हुए नामों की संख्या 5211 है एवं किसी व्यक्ति द्वारा दूसरे किसी व्यक्ति का नाम विलोपित किए जाने के लिए दिए गए फार्म-7 की वजह से विलोपित नामों की संख्या 4336 है। इसकी सूचना ईआरओ कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा की जा रही है और जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर प्रकाशित भी की जा रही है।

 

फॉर्म-6 में जन्मतिथि के लिए आधार मान्य

रिणवा ने बताया कि फॉर्म-6 में जन्मतिथि के प्रमाण के लिए आधार कार्ड भी मान्य होगा। साथ ही कहा कि सपा ने मैनपुरी में नोटिस की सुनवाई का स्थान उनके बूथ से काफी दूर होने की बात सही है। इसका संज्ञान लिया गया है। अधिकारियों को बूथ पर जाकर सुनवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर एसआईआर में नाम काटने के लिए कोई गलत ढंग से आवेदन देता है, तो उसके खिलाफ मतदाता को ही एफआईआर दर्ज करानी होती है।

नोटिस पाने वाले 1.15 करोड मतदाता हुए ओके

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि प्रदेश में कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किया जाना है। इनमें से अब तक कुल 3.25 करोड़ नोटिस जारी किए जा चुके हैं। 1.85 करोड़ से अधिक नोटिस संबंधित मतदाताओं को बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा प्राप्त कराए जा चुके हैं। अब तक लगभग 1.15 करोड़ नोटिसों पर सुनवाई भी की जा चुकी है।

तार्किक विसंगति का जवाब देने की प्रक्रिया की गई आसान

रिणवा ने बताया कि नो मैपिंग से संबंधित मतदाता या उनकी ओर से अधिकृत किसी व्यक्ति के सुनवाई के समय जन्मतिथि और जन्मस्थान को प्रमाणित करने वाले अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। वहीं, तार्किक विसंगतियों से संबंधित नोटिसों की सुनवाई प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और दस्तावेजी साक्ष्यों की बाध्यता कम की गई है। 

बीएलओ द्वारा एप में विगत विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2003 की अंतिम मतदाता सूची के सुसंगत पृष्ठ का अंश, मतदाता से मैप किए गए व्यक्ति के संबंध को प्रमाणित करने वाला कोई दस्तावेज और बीएलओ द्वारा की घोषणा अपलोड की जाएगी। मतदाता या संबंधी का हस्ताक्षर व बीएलओ के साथ मतदाता या संबंधी का फोटो एप पर अपलोड किया जाएगा।
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नए मतदाता बनने के लिए 70 लाख से अधिक आवेदन

रिणवा ने बताया कि 6 जनवरी से 17 फरवरी तक मतदाता बनने के लिए कुल 54.40 लाख फॉर्म-6 प्राप्त हुए, जिनमें महिलाओं की संख्या 27.20 लाख, पुरुषों की संख्या 27.19 लाख और तृतीय लिंग की संख्या 222 है। 18 से 29 आयु वर्ग के युवा मतदाताओं के 36.76 लाख फार्म प्राप्त हुए हैं। इसी तरह से 27 अक्तूबर से 17 फरवरी तक कुल 70 लाख से अधिक नए मतदाताओं के फार्म-6 प्राप्त हुए हैं।
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