फॉर्म-6 में जन्मतिथि के लिए आधार मान्य
रिणवा ने बताया कि फॉर्म-6 में जन्मतिथि के प्रमाण के लिए आधार कार्ड भी मान्य होगा। साथ ही कहा कि सपा ने मैनपुरी में नोटिस की सुनवाई का स्थान उनके बूथ से काफी दूर होने की बात सही है। इसका संज्ञान लिया गया है। अधिकारियों को बूथ पर जाकर सुनवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर एसआईआर में नाम काटने के लिए कोई गलत ढंग से आवेदन देता है, तो उसके खिलाफ मतदाता को ही एफआईआर दर्ज करानी होती है।
नोटिस पाने वाले 1.15 करोड मतदाता हुए ओके
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि प्रदेश में कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किया जाना है। इनमें से अब तक कुल 3.25 करोड़ नोटिस जारी किए जा चुके हैं। 1.85 करोड़ से अधिक नोटिस संबंधित मतदाताओं को बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा प्राप्त कराए जा चुके हैं। अब तक लगभग 1.15 करोड़ नोटिसों पर सुनवाई भी की जा चुकी है।
तार्किक विसंगति का जवाब देने की प्रक्रिया की गई आसान
रिणवा ने बताया कि नो मैपिंग से संबंधित मतदाता या उनकी ओर से अधिकृत किसी व्यक्ति के सुनवाई के समय जन्मतिथि और जन्मस्थान को प्रमाणित करने वाले अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। वहीं, तार्किक विसंगतियों से संबंधित नोटिसों की सुनवाई प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और दस्तावेजी साक्ष्यों की बाध्यता कम की गई है।
बीएलओ द्वारा एप में विगत विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2003 की अंतिम मतदाता सूची के सुसंगत पृष्ठ का अंश, मतदाता से मैप किए गए व्यक्ति के संबंध को प्रमाणित करने वाला कोई दस्तावेज और बीएलओ द्वारा की घोषणा अपलोड की जाएगी। मतदाता या संबंधी का हस्ताक्षर व बीएलओ के साथ मतदाता या संबंधी का फोटो एप पर अपलोड किया जाएगा।
नए मतदाता बनने के लिए 70 लाख से अधिक आवेदन
रिणवा ने बताया कि 6 जनवरी से 17 फरवरी तक मतदाता बनने के लिए कुल 54.40 लाख फॉर्म-6 प्राप्त हुए, जिनमें महिलाओं की संख्या 27.20 लाख, पुरुषों की संख्या 27.19 लाख और तृतीय लिंग की संख्या 222 है। 18 से 29 आयु वर्ग के युवा मतदाताओं के 36.76 लाख फार्म प्राप्त हुए हैं। इसी तरह से 27 अक्तूबर से 17 फरवरी तक कुल 70 लाख से अधिक नए मतदाताओं के फार्म-6 प्राप्त हुए हैं।