उत्तर प्रदेश के संस्कृत विद्यालयों में अब हिंदी व संगीत के एक-एक पेपर होंगे। माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद की कार्यकारिणी ने यह निर्णय लिया। साथ ही नौ स्ववित्तपोषित विद्यालयों की मान्यता, मूल्यांकन राशि बढ़ाने और नए सत्र 2023-24 के एकेडमिक कैलेंडर को हरी झंडी भी दी गई।
प्रभारी निदेशक माध्यमिक शिक्षा भगौती सिंह की अध्यक्षता में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, गोमतीनगर में बैठक संपन्न हुई। इसमें तय किया गया कि उत्तर मध्यमा में हिंदी सामान्य व हिंदी साहित्य के दो पेपर की जगह अब एक ही पेपर रखा जाए। वहीं, कंठ संगीत व वाद्य संगीत के जो अलग-अलग पेपर थे, उन्हें भी एक पेपर में क और ख करने का निर्णय लिया गया। नौ नए स्ववित्तपोषित विद्यालयों की मान्यता से प्रदेश में इनकी संख्या 282 हो जाएगी।
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विद्यालयों की वेबसाइट बनेगी
सचिव परिषद राधा कृष्ण तिवारी ने बताया कि बैठक में सभी विद्यालयों को यह निर्देश दिया गया कि वे अपनी वेबसाइट तैयार करें। इस वेबसाइट पर विद्यालय की सभी आवश्यक सूचनाएं व जानकारी अपलोड करें। बैठक में अप्रैल के अंत तक इस सत्र का परिणाम जारी करने का निर्णय लिया गया।