मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने लेबर सेस संग्रह की प्रक्रिया को सरल व सुविधाजनक बनाने के निर्देश दिए हैं। वह लेबर सेस संबंधी शिकायतों के संबंध में आयोजित बैठक में बोल रहे थे। मुख्य सचिव ने कहा कि कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी, 2020 के तहत उपकर (सेस) संग्रह करने के लिए निजी रिहायशी भवनों के संबंध में 10 लाख रुपये तक की छूट की सीमा को बढ़ाकर रुपया 50 लाख रुपये किए जाना प्रावधानित है। सरकार इसे परिवर्तित कर सकती है। अधिनियम के प्रभावी होने के लिए निर्माण स्थल पर लगने वाले न्यूनतम श्रमिकों की संख्या 10 से बढ़ाए जाने की शक्ति भी सरकार को दी गई है। उपकर निर्धारण की व्यवस्था को सुविधाजनक बनाने के लिए स्व-प्रमाणन की व्यवस्था की गई है। कोड के तहत नियमावली प्राख्यापन की प्रक्रिया चल रही है। इसमें चार्टड इंजीनियर तथा चार्टड वैल्युएटर द्वारा निर्गत मूल्यांकन को भी स्वीकार किए जाने का प्रावधान है। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्रम व अन्य अधिकारी मौजूद थे।
विवादों का निस्तारण प्राथमिकता से करें
राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को भूलवश उपकार संग्रह से संबंधित गलत नोटिस चला गया है तो उसका निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। उपकर संग्रहण की प्रक्रिया को सरल व सुविधाजनक बनाने के लिए सभी जिलाधिकारियों को जिला स्तर एवं मंडलायुक्तों को मंडल स्तर पर, सरकारी निर्माण के संदर्भ में 15 अन्य विभागों के अधिकारी, निजी निर्माण कार्य के लिए सभी अपर/उप सहायक श्रमायुक्त अपने अधिकार क्षेत्रों में उपकर निर्धारक एवं संग्राहक अधिकारी अधिसूचित हैं। इनके माध्यम से क्षेत्रफल विवाद, भवन एवं अन्य निर्माण संबंधी विवादों का निस्तारण प्राथमिकता पर कराए जाने के निर्देश दिए।