राउरकेला में दबोचे गए सिमी आतंकियों ने सोच-समझ कर छिपने का आशियाना तलाशा था, पर उनके इलाज कराने की जानकारी लीक हो गई और वह खुफिया एजेंसियों की पकड़ में आ गए।
आतंकियों से पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है। गिरफ्त में आए आतंकी महबूब व उसके साथियों ने कुबूला कि बिजनौर में जब वे बम बनाकर उसमें आईडी फिट कर रहे थे, तब गलती से विस्फोट हो गया, जिसकी वजह से महबूब काफी झुलस गया।
वे लोग जल्दी में वहां से भाग निकले और फिर कई महीनों बाद राउरकेला के मकान पर पहुंचे। इस बीच बात फैलने के डर से उसने अपने घाव का किसी बड़े डॉक्टर या सरकारी अस्पताल में इलाज नहीं कराया।