विधान भवन के सामने कोपभवन स्थल हटाए जाने पर कुछ संगठनों ने नाराजगी जताई है।
उनका कहना है कि विधान भवन के सामने से धरना स्थल हटाने से आम आदमी के लिए अधिकारों की लड़ाई लड़ने की हिम्मत जुटाना थोड़ा मुश्किल होगा।
यह कहना है समाजसेवी आरटीआई कार्यकर्ता प्रवीण पाठक, हेमंत कुमार, किसान नेता मुकेश सिंह का।
उधर अधिवक्ता ओंकार सिंह का कहना है कि समाजसेवियों ने धरना स्थल को उजाड़े जाने के विरोध में मुहिम चलाने की योजना बन रही है।
सबसे पहले समाजसेवी कर्मचारी संगठनों, स्वंय सेवी संगठन तथा राजनीतिक संगठनों के पदाधिकारियों का एक संयुक्त फोरम तैयार करेंगे।
जो धरना स्थल के मुद्दे पर रायशुमारी करेगा और हस्ताक्षर अभियान भी चलाएगा। बाद में इस संबंध में एक ज्ञापन देकर राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग करेगा।