राज्य सरकार के प्रवक्ता व स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह
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राज्य सरकार के प्रवक्ता व स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बसपा प्रमुख मायावती पर पलटवार करते हुए कहा है कि उन्हें यह बताना चाहिए कि उनके पास 20 विधायक भी नहीं थे फिर वह मैदान में क्यों उतर आईं?
दलित समाज को गिरवी रखकर जब उन्हें अखिलेश से रिटर्न गिफ्ट नहीं मिला तो वह अनर्गल आरोप लगा रही हैं। जो फायदा मिलना था वह अखिलेश अकेले ही उठा ले गए। उन्हें विचार करना चाहिए की चुनाव में क्या गड़बड़ हुई? क्या बबुआ ने बुआ को सही मायने में वोट दिलाया है या नहीं?
सिद्धार्थनाथ ने कहा कि हार के बाद विपक्षी हताश और निराश हो चुके हैं। चुनाव पारदर्शी हुआ है। जब बसपा के प्रत्याशी को कोई विधायक वोट डालता है तो मायावती उसे अंतरात्मा की आवाज बताती है और हमारे प्रत्याशी को कोई विधायक वोट डालता है तो वहां सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का सवाल उठ जाता है। मायावती को इसका भी खुलासा करना चाहिए। सिद्धार्थनाथ ने कहा कि विपक्ष ने मुख्यमंत्री पर जिस तरह से प्रश्न उठाया है, वह विपक्ष को शोभा नहीं देता।
गेस्ट हाउस कांड के समय लखनऊ के एसएसपी रहे ओपी सिंह को वर्तमान में डीजीपी बनाए जाने के सवाल पर सिंह ने कहा कि यह एक प्रक्रिया है। अधिकारी इस पद पर प्रोन्नति पाकर आते हैं। पर वह उस परिवार को ही माफ करने पर लगी हैं जिसने 25 साल पहले उनके साथ अभद्रता की थी।
वह कहती हैं कि पिताजी (मुलायम सिंह यादव) से खतरा है और बेटे (अखिलेश यादव) से नहीं। उन्हें इसका खुलासा करना चाहिए कि पिताजी से क्यों खतरा है और बेटे से नहीं।