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कोरोना को दी मात, अब सता रहा अनजाना डर, विशेषज्ञ बोले- डरें नहीं, मुकाबले को रहें तैयार

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कोरोना को दी मात, अब सता रहा अनजाना डर, विशेषज्ञ बोले- डरें नहीं, मुकाबले को रहें तैयार
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चंद्रभान यादव
गोमतीनगर की 35 वर्षीय महिला नवंबर में संक्रमित होने पर लोहिया संस्थान में भर्ती रही। ठीक होकर लौटी तो दोनों बच्चों को लेकर तनाव में रहने लगी। कई बार तो देर रात लॉन में टहलने लगती है।
नींद न आने व घबराहट की शिकायत पर परिवारीजन मानसिक रोग विशेषज्ञ के पास ले गए। वहां काउंसिलिंग के साथ दवाएं दी गईं।
महिला ने बताया कि उसे डर था कि वायरस दोबारा चपेट में न ले ले और संक्रमण से बच्चों की जान न चली जाए। अब उनका डर दूर होने लगा है और भरपूर नींद ले रही हैं।
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प्रशासनिक अधिकारी पद से सेवानिवृत्त 65 वर्षीय वृद्ध की पहले से निजी अस्पताल से मानसिक रोग की दवा चल रही थी।
पॉजिटिव होने के बाद ठीक होकर घर लौट आए, लेकिन कभी दोबारा संक्रमित होने तो कभी बेटे के भविष्य को लेकर घबराहट होने लगी। ऐसे में वह कभी रात को बड़बड़ाने लगते।
दरवाजा बंद होने पर उन्हें घुटन सी लगती है। वह रात में भी बाहर निकलने का प्रयास करने लगे तो परिवारीजन चिकित्सक के पास ले गए।
उनकी दवा की डोज बढ़ानी पड़ी। हर सप्ताह काउंसिलिंग पर भी डर कम नहीं हो रहा। दो माह तक इन पर निगाह रखने की सलाह दी गई है।
ट्रांसपोर्ट नगर के स्वास्थ्यकर्मी की पत्नी संक्रमित हो गई थी। परिवार के चार अन्य सदस्य भी पॉजिटिव हो गए। इनकी स्थिति तो सामान्य है, लेकिन स्वास्थ्यकर्मी की पत्नी को हर वक्त वायरस का डर लगा रहता है।
बार-बार हाथ धोने से भी डर खत्म नहीं हो रहा। परिवार को भी वह ऐसा करने की सलाह देती हैं। इससे कई बार विवाद की स्थिति हो जाती है।
तीन दिन पहले लोहिया संस्थान के मानसिक रोग विशेषज्ञ ने काउंसिलिंग के साथ उन्हें कुछ दवाएं दीं। उम्मीद है कि माह भर में स्थिति सामान्य हो जाएगी।
कोरोना को मात देकर घर पहुंचने वालों को अनजाना सा डर सता रहा है। इससे दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। दिए गए केस इसकी बानगी हैं। ऐसे लोग मानसिक रोग विशेषज्ञों की सलाह ले रहे हैं।
खास बात यह है कि जिनकी पहले से मानसिक रोग से संबंधित दवा चल रही थी, उनकी डोज बढ़ानी पड़ रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जो वायरस की चपेट में आ चुके हैं वे डरे नहीं, बल्कि दूसरों को ऐसे हालात से निपटने के लिए तैयार करें। इसलिए भी डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि जल्द वैक्सीन आने वाली है।
केजीएमयू के मानसिक रोग विभाग में रोजाना करीब 100 मरीजों का इलाज हो रहा है। फीवर क्लीनिक में भी 150-200 मरीज पहुंच रहे हैं।
इनमें से करीब 50 फीसदी में किसी न किसी तरह की मानसिक समस्या देखने को मिल रही है। लोहिया संस्थान के मानसिक रोग विभाग में आने वाले करीब 100 मरीजों में आधे से ज्यादा पोस्ट कोविड के हैं।
इसमें 60 से 70 प्रतिशत एंजाइटी और डिप्रेशन वाले हैं। निजी अस्पतालों में भी पोस्ट कोविड मरीज एंजाइटी से जुड़ी शिकायतें कर रहे हैं। इन्हें मानसिक रोग विशेषज्ञ भी सलाह दे रहे हैं।
चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना को मात देकर घर पहुंचने वालों में कई तरह के डर देखने को मिल रहे हैं।
कुछ मरीज दोबारा वायरस की चपेट में आने तो कुछ वायरस से परिवारीजन की जान जाने जैसे डर से डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। यह एक तरह का पैनिक डिसऑर्डर है। ऐसे मरीजों को दवा देने के साथ काउंसिलिंग की जा रही है।
डरने वाले मरीजों की बढ़ रही संख्या
मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. अलीम सिद्दकी ने बताया कि कोरोना को लेकर डरने वाले मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। पोस्ट कोविड मरीजों में 60 से 70 फीसदी पैनिक डिसऑर्डर वाले हैं। जिनकी पहले से मानसिक रोग से जुड़ी दवाएं चल रही थीं, उनकी डोज बढ़ाने के साथ काउंसिलिंग के लिए तीसरे से पांचवें दिन बुलाना पड़ रहा है। लोगों को कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है।
सिर्फ हमारे लिए नहीं है वायरस
लोहिया संस्थान में मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. देवाशीष शुक्ला ने बताया कि ओपीडी में आने वालों में 90 प्रतिशत लोग कोरोना को लेकर सवाल जरूर पूछते हैं। इससे साफ है कि उनके मन में डर है। काउंसिलिंग में यह देखने को मिला है कि जो खुद पीड़ित हैं या परिवार में कोई संक्रमित है तो उनमें अलग स्टिग्मा दिखता है। इनकी दवा के साथ काउंसिलिंग चल रही है। समझाया जा रहा है कि वायरस सिर्फ उनके लिए नहीं है। तमाम चिकित्सक और कर्मचारी भी वायरस की चपेट में आ रहे हैं। कारोबार सभी का खराब हुआ है। ऐसे में खुद को अकेला महसूस न करें और मस्त रहें, व्यस्त रहें।
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पर्याप्त नींद लें, नहीं होगी समस्या
केजीएमयू में मानसिक रोग के विभागाध्यक्ष डॉ. पीके दलाल ने बताया कि कोरोना को लेकर नकारात्मक विचार न लाएं। भरपूर नींद लें और व्यायाम करें। जल्दी पचने वाली चीजों का ज्यादा सेवन करें। खुद को व्यस्त रखें। अब इसलिए भी नहीं डरना चाहिए क्योंकि जल्द वैक्सीन आ रही है। परिवार के किसी सदस्य को उलझन हो रही हो, नींद नहीं आ रही हो, लगातार मन में डर हो तो उसे तुरंत मानसिक रोग विशेषज्ञ को दिखाएं।
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