फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी बोर्डः लखनऊ की इंटरनेशनल खिलाड़ी विदेश रवाना, फंसी परीक्षा, डेट चेंज करने की अपील

Mon, 05 Mar 2018 01:21 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
छात्रा समृद्धि सिंह - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

दसवीं कक्षा की छात्रा समृद्धि सिंह बोर्ड परीक्षा देने के बाद, जीत का आत्मविश्वास लिए योनेक्स डच व जर्मन ओपन-2018 जूनियर ग्रांड प्री. खेलने विदेश रवाना हो चुकी है।

विज्ञापन


उधर, उसने विदेशी धरती पर कदम रखा और उसे खबर मिली की विज्ञान की परीक्षा 10 मार्च को फिर से होगी। जहां उसे एकाग्र होकर बैडमिंटन प्रतियोगिता की तैयारी में जुटना चाहिए, वहां उसका सारा ध्यान बोर्ड परीक्षा में उलझ कर रह गया है।

उसने यूपी बोर्ड से परीक्षा 15 मार्च के बाद कराए जाने की अपील की है। समृद्घि सिंह डालीगंज स्थित ब्राइट वे इंटर कॉलेज की दसवीं की छात्रा है। बोर्ड परीक्षा के दौरान उसका सेंटर न्यू हैदराबाद स्थित मोतीलाल नेहरू मेमोरियल गर्ल्स इंटर कॉलेज में गया था।
विज्ञापन


गत 20 फरवरी को राजधानी के सभी 137 केंद्रों पर हाईस्कूल कीविज्ञान की परीक्षा आयोजित की गई थी। 19 फरवरी की रात में महाराजगंज में पेपर लीक हो गया था, जिस वजह से बोर्ड परीक्षा निरस्त कर दी थी। सेंटरों की परीक्षा रद्द की गई है, उसमें 69 केंद्र लखनऊ के हैं। समृद्धि का सेंटर इन्हीं में से एक है। 

विज्ञापन

सता रही है रिजल्ट की चिंता

डेमो
समृद्घि 26 फरवरी को नई दिल्ली से इंडियन टीम के साथ नीदरलैंड व जर्मनी के लिए रवाना हुई थी। वह अंडर-19 के अंतर्गत इंडियन टीम का हिस्सा है।

अंडर-19 बालक व बालिका वर्ग में देश भर से 13-13 खिलाड़ियों का चयन इंडियन टीम के लिए हुआ है। डच ओपन नीदरलैंड के हरलेम शहर में 28 फरवरी से 4 मार्च तक आयोजित किया जा रहा है।

जबकि जर्मन ओपन बर्लिन में 8 मार्च से 11 मार्च तक आयोजित होगा। जब तक समृद्घि वापस देश लौटेगी, यूपी बोर्ड की परीक्षा खत्म हो चुकी होगी।

समृद्धि के पिता प्रेम सिंह ने बताया कि वह फेल हो जाने के डर से चिंतित है। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक को लिखित में प्रार्थना पत्र देकर बोर्ड से अपील की है। 

समृद्घि की तरफ से प्रार्थना पत्र मिल गया है। उसने 15 मार्च के बाद परीक्षा कराने की अपील की है। उसकी अपील को इलाहाबाद बोर्ड को भेज दिया गया है। इस संबंध में निर्णय में बोर्ड को ही करना है। - डॉ. मुकेश कुमार सिंह, डीआईओएस
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें