शाहगढ़ के पूरे रामदत्त मिश्र मजरे पनियार में श्रीमद्भागवत कथा सुनते श्रद्धालु। स्रोत-आयोजक।
शाहगढ़ (अमेठी)। सच्चे मन से कथा सुनने से भक्त पर ईश्वर की कृपा बरसती है, जिससे उसके जीवन का उद्धार हो जाता है। भगवान हमेशा ही भक्त के वश में रहे हैं। भक्त की अगाध भक्ति ईश्वर को इसके लिए मजबूर कर देती है।
ये बातें क्षेत्र के पूरे रामदत्त मिश्र मजरे पनियार में श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन अयोध्या से पधारे प्रवाचक डॉ. रघुपति त्रिपाठी ने कहीं। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा अमर कथा है, जिससे प्रेरित होकर मानव जीवन की समस्त बाधाओं से मुक्ति मिल जाती है। श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन तथा श्रवण करने वाले मनुष्य का जीवन पाप से मुक्त होकर धन्य हो जाता है। समस्त ग्रंथों का सार श्रीमद्भागवत कथा है।
प्रवाचक ने कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राजा परीक्षित ने अपनी मृत्यु को निश्चित मान कर शुकदेव मुनि से भागवत कथा सुनी। यहीं से ही भागवत कथा सुनने की परंपरा शुरू हुई। कथा के श्रवण से मनुष्य को संपूर्ण पापों से मुक्ति मिल जाती है। उन्होंने कहा कि भगवान हर हाल में अपने भक्तों का ख्याल रखते हैं। भक्त की भक्ति के आगे हमेशा ही भगवान को विवश होकर मदद के लिए आना पड़ा है। इसलिए प्रभु की भक्ति में सभी अपने मन को लगाएं। इस दौरान तारकेश्वर मिश्रा, राजेश मिश्रा, संगम शुक्ला, ओंकारनाथ शुक्ला, ललई सिंह, हौंसिला यादव, दूधनाथ मिश्रा आदि मौजूद रहे।