शर्मा ने दावा किया कि हिंसा करने वाले प्रशिक्षित थे। सरकार के पास कई पुख्ता सबूत हैं, जो सीएए पर हुई हिंसा में पीएफआई के हाथ होने की पुष्टि करते हैं। इस संगठन में ऐसे लोग शामिल हैं जो पहले प्रतिबंधित आतंकी संगठन घोषित हो चुके ‘सिमी’ में रहे हैं।
सरकार ने ऐसे लोगों को चिह्नित कर लिया है जिन्होंने हिंसा फैलाई। हिंसा में शामिल उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है, लेकिन विपक्ष खासकर नकली गांधी एंड कंपनी के लोग दंगाइयों का महिमामंडन कर रहे हैं। यह स्थिति बहुत शर्मनाक है। विपक्ष राजनीति करे लेकिन अपने स्वार्थ में जनता के लिए समस्या न खड़ी करे।